जोधपुर

Jodhpur Crime: सोशल मीडिया के जरिए 28 लाख की साइबर ठगी का पर्दाफाश, बैंक कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार

Jodhpur Cyber Fraud case: निवेश के नाम पर करीब 28 लाख रुपए की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में एक बैंक कर्मचारी सहित दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।

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Jun 12, 2026
Jodhpur cyber fraud case
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो- पत्रिका

जोधपुर। साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जोधपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना पुलिस ने निवेश के नाम पर करीब 28 लाख रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बैंक कर्मचारी सहित दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश योजना का झांसा देकर पीड़ित से लाखों रुपए ऐंठ लिए थे। पुलिस के अनुसार पीड़ित अतुल भूतड़ा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर उसे एक निवेश योजना का विज्ञापन दिखाई दिया।

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लिंक पर क्लिक करने के बाद टेलीग्राम के जरिए संपर्क करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कम समय में भारी मुनाफे का लालच दिया। झांसे में आए पीड़ित ने अलग-अलग चरणों में 27.97 लाख रुपए निवेश कर दिए। जब उसने राशि वापस निकालने का प्रयास किया तो आरोपी बहाने बनाकर टालमटोल करने लगे। इसके बाद साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

बैंक कर्मचारी की भूमिका आई सामने

इसके बाद जोधपुर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और निखिल शर्मा पुत्र संजय शर्मा निवासी शिवराम पार्क निहाल विहार तथा जयवीर सिंह पुत्र जितेन्द्रसिंह निवासी निहाल विहार दिल्ली को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि जयवीर एक स्मॉल फाइनेंस बैंक में अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक खाते खुलवाए और साइबर ठगी की रकम उन खातों में जमा करवाई। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी विदेशी नंबरों से संचालित साइबर ठगों के संपर्क में थे। ठगी की रकम खातों में आने के बाद उसे चेक और अन्य माध्यमों से निकालकर आगे पहुंचाया जाता था। आरोपियों से पूछताछ में साइबर ठगी के अन्य मामलों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम

आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी निवेश योजनाओं के विज्ञापन चलाते थे। निवेशकों को अधिक लाभ का लालच देकर रकम जमा करवाई जाती थी और बाद में राशि वापस मांगने पर बहाने बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था। गौरतलब है कि इससे पहले जोधपुर से शुरू हुई एक साइबर अपराध जांच ने अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी और जांच में सामने आया था कि भारत में फर्जी तरीके से सक्रिय किए गए करीब 36 हजार मोबाइल सिम कार्ड कंबोडिया में संचालित हो रहे थे। इनमें से 5300 से अधिक सिम कार्ड देशभर में साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए और इनके जरिए सैकड़ों करोड़ रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।

Published on:
12 Jun 2026 05:37 pm
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