जोधपुर के सभी वृद्धाश्रमों में हुआ शत प्रतिशत टीकाकरण
जोधपुर. जीवन के अंतिम पड़ाव में जोधपुर के विभिन्न वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को कोविडकाल में टीकाकरण के बाद जीने की नई चाहत मिली है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद वृद्धाश्रमों में रह रहे बुजुर्गों का कहना है कि बुढ़ापा मौत से पहले का विराम है लेकिन कोरोनाकाल में खालीपन और सन्नाटे को दूर करने के लिए सभी बुजुर्ग एक परिवार की तरह रहे और अब फिर से जीने की चाहत लिए कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज भी लगा चुके है। शहर के निजी और राजकीय वृद्धाश्रम में जीवन व्यतीत कर रहे वृद्धजनों में टीकाकरण के बाद कोविड संक्रमण की सुरक्षा से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है। बुजुर्गो का कहना है कि ईश्वरीय कृपा से मिले जीवन को कम से अब किसी संक्रमण से नष्ट नहीं होने देंगे।
वैक्सीन के बाद सामूहिक सत्संग
पाल रोड स्थित आस्था सीनियर सिटीजन होम के सभी सदस्य फिर से एकजुट होकर सामूहिक रूप से भजन सत्संग में शामिल होने लगे है। आश्रम के संचालक राजेन्द्र परिहार ने बताया कि आश्रम में कुल ८२ वृद्धजनों का पूरा परिवार है। जब कोविड संक्रमण का खतरा बढ़ गया तब आश्रम के करीब एम्स में सभी सदस्यों ने उत्साह से पहुंचकर वैक्सीन की दोनों ही डोज ली है। यहां तक आश्रम में सेवाएं देने वाले सभी सेवादार भी वैक्सीन लगवाने के बाद कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के घेरे में है। मंडोर स्थित राजकीय वृद्धाश्रम में निवासरत सभी वृद्धजन सदस्यों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
अनुबंध के सभी ७५ सदस्य भी उत्साहित
मंडोर अनुबंध वृद्धजन कुटीर में रहने वाले ७५ वृद्धजनों का भी शत प्रतिशत टीकाकरण पूरा हो चुका है। वृद्धजन कुटीर की संस्थापक संचालक अनुराधा अडवानी ने बताया कि आश्रम में सेवाएं देने वाले १८ सेवादारों को भी दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मदेरणा कॉलोनी की टीम व जिला चिकित्सा टीम व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बुजुर्ग सदस्यों के टीकाकरण में सहयोग किया।