
रंगदारी के लिए मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने के बाद से चल रही नाकाबंदी के दौरान बुधवार शाम पुलिस ने करवड़ थाने के सामने बिना नम्बर की इनोवा कार में रखे बैग से 54.40 लाख रुपए जब्त किए। कागजात के अभाव में कार भी जब्त की गई है।
थानाधिकारी लीलाराम के अनुसार बिना नम्बर की इनोवा नागौर की तरफ से आती नजर आई। थाने के सामने उसे रोका गया। इसमें चालक राजूराम पटेल के अलावा महामंदिर में महादेव नगर निवासी रामप्रकाश अग्रवाल और पावटा सी रोड पर महेश कॉलोनी निवासी चंपालाल माहेश्वरी सवार थे। तलाशी लेने पर डिक्की में रखे एक बैग में 54.40 लाख रुपए मिले। संतोषजनक जवाब व दस्तावेज पेश न करने पर पुलिस ने राशि को 102 सीआरपीसी में जब्त कर ली। कागजात नहीं होने पर कार जब्त कर ली गई। इस सम्बन्ध में आयकर विभाग को सूचित किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि चंपालाल की मण्डोर कृषि मण्डी में दुकान है, जबकि रामप्रकाश अग्रवाल ब्रोकर हैं।
राशि के स्रोत को लेकर संदेह
दोनों व्यापारियों ने पुलिस को बताया कि नागौर में रॉयल्टी फर्म है, जहां से कलेक्शन राशि लेकर शहर लौट रहे थे। इस बारे में वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। ऐसे में इतनी बड़ी राशि के स्रोत को लेकर संदेह उत्पन्न हो गया।
2017 है क्राइम ईयर
जोधपुर के लिए 2017 कुछ अच्छा नहीं रहा। शांत शहर को पिछले कुछ समय से अशांत करने की कोशिशें जारी हैं। आपराधिक गतिविधियां तो हो रही हैं, आश्चर्य की बात तो ये है कि पुलिस के हाथ भी अधिकतर मामलों में खाली हैं। ये शहर जिसके लिए कहा जाता रहा है कि यहां लॉ एंड ऑर्डर मेंटेंड है। वहां ऐसे अपराध होना वाकई चौंकाने वाला है। हाईकोर्ट तक कह चुका कि शहर के लोगों ने कभी रंगदारी शब्द नहीं सुना। इतने शांत इलाके में ये तूफान क्यों है। हाईकोर्ट शहर में कानून व्यवस्था के लिए राजस्थान के प्रमुख शासन सचिव तक को तलब कर चुका है।