जोधपुर

भंवरी देवी केस: यूएसए की डीएनए विशेषज्ञ की गवाही पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार

भंवरी केस: आरोपियों की ओर से सीआरपीसी धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका खारिज  
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Updated: 14 Oct 2017, 4:15 PM IST
bhanwari devi abduction and murder case hearing
bhanwari devi abduction and murder case hearing

राजस्थान हाईकोर्ट ने एएनएम भंवरी के अपहरण व हत्या के मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से यूएसए की डीएनए एक्सपर्ट तकनीशियन अम्बर बी कार को गवाही के लिए पेश करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस बाबत याचिकाकर्ताओं परसराम व अन्य की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका को जस्टिस पंकज भंडारी ने खारिज करते हुए सीबीआई की ओर से धारा 311 के तहत पेश आवेदन को सही ठहराया है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हेमंत नाहटा, हनुमान खोखर व संजय विश्नोई ने कहा कि अंबर बी कार का नाम अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई मूल सूचि में नहीं था। दरअसल अभियोजन पक्ष मामले को लंबित करने के उद्देश्य से नए नए गवाहों के नाम शामिल कर रहा है जिससे सुनवाई मे ंदेरी हो रही है। इस पर अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई के विशिष्ट लोक अभियोजक पन्नेसिंह रातडी ने कहा कि जलोडा में मिली भंवरी की हड्डियों के डीएनए परीक्षण के लिए एफबीआई यूएसए भेजा गया था। जो कि चार्जशीट पेश करने के बाद प्राप्त हुई।

चूंकि विधि अनुसार परीक्षण रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी को कोर्ट में उपस्थित हो कर गवाही देना आवश्यक होता है, और यह रिपोर्ट इस मामले के निर्णय के लिए अहम सबूत है। इस लिए गवाहों की मूल सूचि के बाद उसकी गवाही के लिए सीआरपीसी की धारा 311 के तहत आवेदन पेश किया गया। जिसे निचली अदालत ने भी स्वीकृत किया। उन्होंने कहा कि सीबीआई की ओर से पेश गवाहों की मूल सूचि में से करीब एक सौ गवाहों के नाम वापिस ले लिए गए है, इस लिए सीबीआई पर मामला लंबित करने का दोष नहीं लगाया जा सकता। भंवरी देवी अपहरण व हत्या केस में आरोपियों की ओर से सीआरपीसी धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका खारिज कर दी गई।

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