जोधपुर

जोधपुर में फिर सामने आया ब्लू व्हेल का आतंक, पूर्व सैनिक को मिला था प्राइवेट पार्ट काटने का टास्क

पूर्व सैनिक शायद पहुंच गया था अंतिम स्टेज पर  

2 min read
Nov 01, 2017
blue whale case in Jodhpur

भोपालगढ़/जोधपुर. कहते हैं टेक्नोलॉजी अ'छा नौकर, लेकिन बुरा मालिक है। जब तक हम इससे खेलते हैं, तब तक ठीक है। जब यह हमसे खेलने लग जाए तो घातक हो जाती है। ब्लू व्हेल चैलेंज गेम इसी का उदाहरण बन गया है। इस गेम से अब समाज महसूस कर रहा है कि बाजार वीडियो गेम के जरिए कब ब'चों की जिंदगी से खेलने लग गया, पता ही नहीं चला। खेलकूद को स्वस्थ मस्तिष्क के लिए आवश्यक माना जाता है। स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मन का निवास होता है, लेकिन कोई इस जिंदगी भी छीन सकता है। यह चिंतन के साथ ही चिंता का विषय है।

दुनियाभर में तीन सौ से अधिक जानें ले चुके इस गेम ने मुम्बई, इंदौर, कोलकाता, देहरादून में ब'चों के जीवन समाप्त किए। फिर इसने सितंबर 4, 2017 को जोधपुर में भी दस्तक दे दी, जहां एक किशोरी ने अपनी जान देने की कोशिश की। संभवत: राज्य में यह पहला मामला था, जब गेम जान लेने पर आमादा हुआ। अब अगला मामला प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े शहर जोधपुर के भोपालगढ़ से आया है, जहां इस घातक गेम का शिकार हुआ एक पूर्व सैनिक... इस पूर्व सैनिक ने टास्क पूरा करने के लिए अपने प्राइवेट पार्ट को काटने की कोशिश की।

ये भी पढ़ें

जोधपुर में फिर सामने आया दहला देने वाला मंजर, ट्रक की टक्कर से छात्र का सिर बिखर कर सड़क पर फैला

जानिए पूरा मामला

पुलिस थाना भोपालगढ़ के अधीन आरटीयां कला ग्राम पंचायत के झालामलिया गांव के सेवानिवृत्त सैनिक ने ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में मंगलवार शाम को अपनी जान देने की कोशिश की। जिनको उनके परिवार जनों ने देख लेने से समय रहते जान बचाकर राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालगढ़ के अस्पताल में लाया गया। इनका डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू किया।

डॉक्टर दीपक कुमार माथुर ने बताया कि भारमल पुत्र दयाराम (42) जाट पूर्व सैनिक था। सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने गांव में ही रह रहे थे। मंगलवार शाम वे कुछ घरेलू कार्य कर रहे थे। इस दौरान मोबाइल में चले इन दिनों सबसे बड़े गेम ब्लू व्हेल के चक्कर में आने से उन्होंने अंतिम चरण के दौरान बाथरूम में जाकर अपनी अंड कोशिकाएं काटने की कोशिश की, लेकिन उनके परिजनों ने उन्हें एेसा करते देख लिया। उन्होंने तुरंत भारमल को बाथरूम से निकाला और अस्पताल पहुंचाया। परिजनों ने उनका मोबाइल भी उनसे ले लिया। डॉ माथुर ने उनका इलाज किया।

बहुत घातक गेम


इन दिनों मोबाइल में सबसे घातक गेम के रूप में ब्लू व्हेल गेम चल रहा है, जिसके कारण व्यक्ति अपना नियंत्रण खो कर अपनी जान दे देता है। ऐसे में कोई भी जानकारी मिलने पर ब्लू व्हेल गेम खेलने वालों को नियंत्रण में किया जाए। - डॉ. दीपक माथुर चिकित्सक, भोपालगढ़

ये भी पढ़ें

इस हार्डकोर का है जोधपुर के चार थानों की पुलिस को इंतजार, पर इसे पकडऩा शायद मुश्किल ही नहीं…नामुमकिन है
Published on:
01 Nov 2017 09:16 am
Also Read
View All