
राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को गैंगस्टर आनंदपाल की पत्नी राजकंवर की ओर से दायर याचिका की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश जवाब में पुलिस के खिलाफ दायर दोनों एफआईआर को जांच करने योग्य नहीं माना। उधर, राज्य सरकार की ओर से निष्पक्ष अनुसंधान किए जाने का दावा किया गया। दोनों जवाब मिलने के साथ ही जस्टिस संदीप मेहता ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
आनन्दपाल का पुलिस द्वारा कथित रूप से फर्जी एनकाउंटर किए जाने के मामले की सीबीआई जांच कराने को लेकर सीआरपीसी की धारा 482 के तहत दायर विविध अपराधिक याचिका का निस्तारण करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता आनंदपाल की पत्नी राजकंवर को दुबारा जिला एवं सेशन्स कोर्ट चूरू के समक्ष मामले की जांच के लिए परिवाद दायर कर सकने की स्वतंत्रता प्रदान की है।
सीबीआई के साथ हाईकोर्ट ने भी किया इनकार
जस्टिस मेहता की अदालत में इस मामले में सीबीआई के अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने जवाब पेश करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार की ओर से भेजे गए पत्र, जिसमें एफआईआर संख्या 190 /2017 रतनगढ़ (चूरू) व एफआईआर संख्या 123/2017 को सीबीआई ने जांच योग्य नहीं मानते हुए अनुसंधान से इनकार कर दिया है। इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता गोरधनसिंह ने हाईकोर्ट से गुहार की हाईकोर्ट ही अपने स्तर पर जांच करवा दे। इस पर हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने कहा कि एसओजी व पुलिस विभाग ने मामले में निष्पक्ष अनुसंधान किया है। किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती है। सुनवाई के दौरान एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डाक्टर संजीव भटनागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करन शर्मा, निरीक्षक सूर्यवीर सिंह भी मौजूद रहे।
वहीं राजस्थान पुलिस और सरकार के लिए डेढ़ साल तक सिर दर्द बने रहे गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर को साढ़े चार महीने गुजर चुके हैं। लेकिन कोर्ट के एक आदेश ने इस बात का संशय पैदा कर दिया कि क्या आनंदपाल जिंदा है।
मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने का आदेश
मामले के अनुसार डीडवाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने राजस्थान पुलिस को आनदपाल सिंह के नाम से प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिया। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि वह मर गया है तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने का आदेश दिया।
एनकाउंटर के बाद राजस्थान पुलिस कोर्ट में आनंदपाल की मौत का प्रमाण प्रत्र प्रस्तुत करना ही भूल गई। जिससे कोर्ट ने आनन्दपाल सिंह के जुड़े विचाराधीन मामलों में उसके नाम से प्रोडक्शन वारंट जारी कर उसे पेश होने के आदेश दिए हैं।