राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर को नजरअंदाज करने पर शासन सचिव को लगाई लताड़
जोधपुर शहर की बिगड़ी कानून व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट की ओर से शुक्रवार को सुनवाई हुई। सुनवाई में गृहसचिव को बुलाया गया था, जो पेश नहीं हो सके। उनके कोर्ट में पेश ना होने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। हाइकोर्ट ने गृह सचिव को कल शनिवार को दो बजे पेश होने के आदेश दिए हैं अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जा सकती है, जिसमें गिरफ्तारी वारंट या निलंबन जैसे आदेश जारी किए जा सकते हैं। गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव दीपक उप्रेती की ओर से हाजिरी माफी भेजी गई। वे आज जयपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की वजह से जोधपुर नहीं आ सके। जोधपुर में पिछले दिनों हुई एक व्यापारी की हत्या के बाद हइकोर्ट ने आज गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव सहित स्थानीय अधिकारियों को तलब किया था।
क्या सरकार के एजेंडे में जोधपुर नहीं
गृहसचिव दीपक उप्रेती के पेश ना होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के एजेंडे में जोधपुर का नाम है या नहीं? अभी समय है चेत जाओ, नहीं तो जनता चेता देगी। यहां जोधपुर जल रहा है। वहां साहब वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में लगे हैं। जरा भी शर्म है तो कल 2 बजे तक कोर्ट में आ कर बताना क्या प्लान है।
संभागीय आयुक्त, कलक्टर व पुलिस कमिश्नर पेश
जस्टिस गोविंद माथुर व जस्टिस विनीत माथुर की खंड पीठ में गृह विभाग की ओर से उप सचिव मनीष चौहान, जोधपुर पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़, संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी व जिला कलक्टर रवि कुमार सुरपुर पेश हुए। गृह सचिव को कल अवकाश के दिन दोपहर दो बजे हाइकोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश भी दिए गए हैं। उनके साथ वे सभी अधिकारी भी भी पेश होंगे, जिन को 18 सितम्बर के आदेश में तलब किया गया था।
जोधपुर में सात महीनों में आठ फायरिंग
आपको बता दें कि जोधपुर में साल 2017 में मार्च से सितम्बर तक सात महीनों में आठ बार फायरिंग हो चुकी है। गत रविवार को एक व्यापारी की रंगदारी के लिए हत्या भी कर दी गई थी। इसके बाद भी पुलिस प्रशासन नहीं चेता और शहर के एक वकील को भी इन गैंगस्टर्स से धमकी मिली।