
पुलिस अमूमन किसी भी वारदात में अपराधियों का पता लगाने और उनकी धरपकड़ के लिए आपराधिक प्रवृत्ति वाले युवकों पर ही ध्यान केन्द्रित करती आई है। अधिकतर वारदातों में पुराने बदमाश शामिल रहे हैं। इनमें भी कुछ खास वर्ग व तबके के युवक ही अपराधों को अंजाम देते आए हैं, लेकिन सरदारपुरा सी रोड पर मोबाइल व्यवसायी वासुदेव इसरानी की गोली मार कर हत्या करने के मामले में अपराधियों के नये गठजोड़ और ट्रेंड से पुलिस भी आश्चर्यचकित है। रंगदारी वसूल करने के लिए फायरिंग करवाने को गैंग के सरगना-षडयंत्रकारी ने दूसरे वर्ग व नये युवकों को मोहरा बनाया है, ताकि पुलिस को आसानी से कोई संदेह नहीं हो।
शहर व समाज के लिए गंभीर संकेत
पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने बताया कि वासुदेव हत्या प्रकरण में अब तक जो युवक पकड़ में आए हैं और जो लोग नामजद हो चुके हैं, उनमें से अधिकतर नये लड़के हैं। इससे इतर वे दूसरे वर्ग से हैं, जो शहर व समाज के लिए गंभीर बात है। इन युवाओं का लालच में फंस कर खुद का भविष्य व दूसरे की जिन्दगी दांव पर लगाना समझ से परे है।
अब तक पकड़ में आए युवकों पर एक नजर
विनोद उर्फ विक्की प्रजापत
नई सड़क पर हनुमान भाखरी निवासी विनोद उर्फ विक्की प्रजापत पहली बार किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हुआ। उसने गोली मारने के मुख्य आरोपी भोमाराम के कहने पर वासु की न सिर्फ रैकी की थी, बल्कि उसके लिए मोटरसाइकिल भी चलाई थी। उसे रुपए की आवश्यकता थी, इसलिए वह लालच में शामिल हो गया।
हरीश प्रजापत
सूरसागर में भोजावतों का बास निवासी हरीश प्रजापत पीटा एक्ट के मामले में पकड़ा जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है, फिर भी वह लालच में लॉरेंस की गैंग से जुड़ गया।
श्यामलाल प्रजापत
नई सड़क पर हनुमान भाखरी निवासी श्यामलाल का भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। भोमाराम का परिचित होने के कारण वह हत्या की साजिश में शामिल हो गया था।
नरपतलाल जोशी
देचू थानांतर्गत चामूं निवासी नरपतलाल जोशी भी पेशे से कार चालक है। उसके खिलाफ हालांकि एक-दो मामले पहले से दर्ज हैं, लेकिन वह गंभीर अपराधों से नहीं जुड़ा रहा कि हत्या जैसे मामलों में पुलिस उस पर संदेह कर सके, लेकिन हरेन्द्र के सम्पर्क में आने से वह वारदात में शामिल हो गया।
नाथूलाल देवासी
पीपाड़ रोड निवासी नाथूलाल रेलवे स्टेशन के सामने स्थित होटल में मैनेजर है। मुख्य आरोपी भोमाराम भी इसी होटल में मैनेजर रह चुका है। ऐसे में भोमाराम के लिए वह भी वारदात में शामिल हो गया। उसने न सिर्फ आरोपियों को होटल में ठहराया, बल्कि रजिस्टर में एन्ट्री भी गलत की। भोमाराम के ठहरने की तो एन्ट्री तक नहीं की गई थी।
फारूक अली
जनता कॉलोनी में कब्रिस्तान के पीछे निवासी फारूक अली कार चालक है। वह विनोद की कार चलाता है। हत्या के लिए वह रैकी करने के साथ ही आरोपियों को जिले से बाहर भगाने में सक्रिय रहा था। उसके खिलाफ भी कोई मामला दर्ज होने की जानकारी नहीं है।