जोधपुर की अदालत ने पटवारी और आरआई के खिलाफ फर्जी पैमाइश के आरोप की जांच करने का आदेश दिया है।
अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-४ के पीठासीन अधिकारी डा.मनीषा चौधरी ने तिंवरी के खेत की फर्जी पैमाइश करने के आरोपों की जांच करने का पुलिस थाना मथानिया को आदेश दिया है। परिवादी ताजनगर तिंवरी निवासी ऊर्जाराम पुत्र गोरधनराम ने अधिवक्ता मनोहरसिंह शेखावत के माध्यम से परिवाद कोर्ट में पेश किया गया।
सड़क का स्थान बदलने का आरोप
परिवाद में तिंवरी राजस्व सर्कल के आरआई और जेलू गगाड़ी तहसील के पटवारी व प्रार्थी के पड़ोसी खेत के मालिक धर्माराम पुत्र ताजाराम जाट के खिलाफ फर्जी तरीके से पैमाइश कर सड़क का स्थान बदलने का आरोप लगाया गया। यह भी आरोप लगाया कि पैमाइश फर्द में उसकी उपस्थिति, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान राजस्व कर्मचारियों ने फर्जी तरीके से लगा दिए हैं। परिवाद के अनुसार कूटरचित दस्तावेज असली बता कर तहसीलदार कार्यालय तिंवरी में जमा भी करवा दिए। मजिस्ट्रेट ने आईपीसी की धारा 420, 467 और 120 बी के अंतर्गत प्राप्त परिवाद अनुसंधान के लिए पुलिस थाना मथानिया को भेजने का आदेश दिया।
जोधपुर पाली राजमार्ग-65 विस्तार का मामला : तीन महीने में भुगतान का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर-पाली राष्ट्रीय राजमार्ग-65 के विस्तारीकरण के लिए अवाप्त की गई भूमि के लिए पुराने नियम के अनुसार किए गए भुगतान का नए अधिनियम के अनुसार पूरे मुआवजे की नए सिरे से गणना करते हुए नए अधिनियम के तहत तीन महीने में भुगतान करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश विजय विश्नोई ने याचिकाकर्ताओं विकास कन्स्ट्रक्शन क म्पनी व 21 अन्य रिट याचिकाओं का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ताआें की ओर से अधिवक्ता प्रदीप स्वामी ने कहा कि मुआवजे का अवार्ड हालांकि 20 नवंबर 2014 को पारित कर दिया गया, लेकिन भुगतान केन्द्र सरकार के नए भूमि अवाप्ति अधिनियम वर्ष 2013 के 1 जनवरी 2015 को जारी होने के बाद किया गया। राइट टू फेयर कम्पन्सेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एग्विजिशन, रिहेबिलेशन एंड री सेटलमेंट एक्ट 2013 के प्रावधानों में इसका स्पष्ट रूप से उल्लेख किया हुआ है।
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