जोधपुर

आसाराम मामले में आया नया मोड़, निकला रिलायंस कम्युनिकेशन से ऐसा कनेक्शन… !

आसाराम मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर तक स्थगित  
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Updated: 26 Sep 2017, 5:51 PM IST
Reliance Communication nodal officer to present in Asaram case
Reliance Communication nodal officer to present in Asaram case

अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय में सोमवार को नाबालिग लड़की से यौन दुराचार के आरोपी आसाराम को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर ढाई बजे पेश किया। न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा की अदालत विशिष्ट लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई तथा पीडि़ता के वकील प्रमोदकुमार वर्मा ने बचाव पक्ष के गवाह जम्मू-कश्मीर के नोवाबाद जिला पुलिस के सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार से जिरह पूरी की।

गाौरतलब है कि नोवाबाद जिले में आसाराम के एक समर्थक द्वारा मुकदमा दर्ज करवाया था कि जोधपुर में कुछ लोग आसाराम से रुपए ऐंठने के लिए ब्लैकमेल कर झूठे मुकदमे में फंसा रहे हैं। उस मुकदमे में अनुसंधान अधिकारी रहे सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार से जिरह की गई।
अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी। इसमें रिलाइंस कम्यूनिकेशन के नोडल अधिकारी के पेश होने की सम्ंभावना है । दूसरी ओर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-3 में आसाराम के खिलाफ चल रहे आईटी एक्ट के तहत मामले की सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी।

पिछली सुनवाई में कहा, मैं गध हूं

आसाराम हमेशा अपने अजीबोगरीब बयानबाजी के लिए सुर्खियों में रहे हैं। देश में कोई भी समसामयिक मुद्दा रहा हो, आसाराम की उस पर टिप्पणी जरूर हुआ करती थी, लेकिन पिछले कुछ समय से आसाराम ने चुप्पी साध रखी थी। ये चुप्पी गुरुवार को उस समय टूट गई जब एक मीडियाकर्मी ने उनसे कुछ ऐसा पूछ लिया, जो उन्हें शायद नागवार गुजरा। पढ़ें क्या मीडियाकर्मी ने आसाराम से...


जोधपुर कोर्ट

समय- 2.32 पीएम

मीडियाकर्मी: वे संतों की श्रेणी में है या कथा वाचकों की श्रेणी में।
आसाराम: गधों की श्रेणी में हूं। कुछ ही देर पहले जैसे ही आसाराम पुलिस वेन से न्यायालय परिसर उतरा एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार ने सवाल किया-

बापू आप किस क्षेणी में आते हैं ?
आसाराम ने तपाक से कहा -

मैं गधे की क्षेणी में आता हूँ !

आसाराम को फिलहाल राहत नहीं
नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ मामले में चार साल से न्यायिक हिरासत में रहते जेल व अदालतों के चक्कर काट रहे आसाराम को फिलहाल कहीं भी राहत दिखाई नहीं दे रही। आसाराम की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट में दायर विविध अपराधिक याचिका की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई। निचली अदालत में बचाव पक्ष के अंग्रेज सिंह की गवाही तो हो चुकी, लेकिन उससे जिरह बाकी है। किसान आंदोलन की वजह से रास्ते बंद होने के कारण अंग्रेज सिंह जोधपुर नहीं पहुंच सका।

हाईकोर्ट में आसाराम के अधिवक्ता एनके बोहरा व गोकुलेश बोहरा की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत विविध अपराधिक याचिका दायर की हुई है। इसमें पिछली सुनवाई में नोटिस जारी कर दिए गए थे, लेकिन इसमें सरकार की ओर से जवाब आना है। याचिका निचली अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से दायर उस मामले को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। जिसमें आईटी एक्ट की धराओं 353, 355, 384, 117, 189 व 120 बी व 66 ए आईटी एक्ट के तहत दायर किया गया था। महानगर मजिस्ट्रेट ने आईटी एक्ट के तहत दायर धाराओं को निरस्त कर शेष धाराओं के तहत मामले की सुनवाई जारी रखने के आदेश दिए थे। इसी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

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26 Sep 2017, 5:51 PM IST
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