सरकार पर नहीं हुआ असर तो होगा अनिश्तिकालीन कार्य बहिष्कार
सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के समर्थन में बुधवार को जोधपुर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट्स दो घंटे कार्य बहिष्कार पर चले गए। यह कार्य बहिष्कार सुबह 9 से 11 बजे तक रहा। इसके लिए रेजीडेंट्स डॉक्टरों ने मंगलवार रात को मीटिंग आयोजित की। जोधपुर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. हरेन्द्र भाकर ने कहा कि इसी दिन रात 8 बजे तक सरकार ने कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो अनिश्चितकालीन बहिष्कार होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी चिकित्सक पर दमनकारी कार्रवाई होती है तो सभी चिकित्सक हड़ताल पर चले जाएंगे।
एमडीएम अस्पताल आने के बाद भी कम नहीं हो रही परेशानी
सेवारत चिकित्सक अपनी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन हड़ताल पर रहे। ऐसे में मरीजों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। एमडीएम अस्पताल में मंगलवार को भी मरीजों की भीड़ नजर आई। इस दौरान कई लोग लंबी कतारों से बचने के लिए निजी अस्पताल की ओर निकल गए। पत्रिका टीम के सुबह पहुंचने पर सवा नौ बजे तक मरीजों को नि:शुल्क दवा काउंटर पर दवा मिलना शुरू नहीं हुई थी। जबकि इन दिनों सुबह 9 बजे आउटडोर शुरू हो जाता हैं।
व्हील चेयर के अभाव में इंतजार करते रहे मरीज
अस्पताल में ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीज न्यू ओपीडी वार्ड के बाहर व्हील चेयर के इंतजार में दर्द से कराहते रहे, लेकिन कोई भी कर्मचारी व्हील चेयर लाकर मदद करने के लिए आगे नहीं आया। वहीं मरीजों के काम आने वाली व्हील चेयर का अस्पताल कर्मचारी अन्य कार्यो में प्रयोग लेते दिखाई दिए। साथ ही कई जगहों पर मरीज के परिजन ही स्टे्रचर पर लेटाकर मरीज को इलाज करवाने के लिए लेकर जाते दिखाई दिए।
ईएसआई डिस्पेंसरी भी बेहाल
हड़ताल के समर्थन के चलते ईएसआई डिसपेंसरी में उपचार करवाने आए श्रमिकों को भी निजी अस्पतालों में जाने को विवश होना पड़ा। मेडिकल चौराहा स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी न. 1 में तीन चिकित्सक लगे हुए हैं, लेकिन हड़ताल के समर्थन के चलते यहां भी डिस्पेंसरी खोलने व बंद करने जैसी औपचारिकताएं ही निभाई गई। मौके पर केवल नर्स व अन्य स्टाफ ही दिखाई दिया। यही हाल बासनी क्षेत्र स्थित डिस्पेंसरी में भी देखा गया।