जोधपुर

सलमान खान हिरण शिकार केस में सभी गवाह एक ही जाति के, अभिनेता को सोची समझी योजना के तहत फंसाया: बचाव पक्ष

क्या एक भी गवाह अन्य जाति का नहीं मिला: बचाव पक्ष  
2 min read
Nov 07, 2017
Feature image

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के न्यायाधीश देवकुमार खत्री की अदालत में चल रहे बहुचर्चित काले हिरण का शिकार करने के मामले में सोमवार को अंतिम बहस आगे शुरू हुई। सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने बहस करते हुए कहा कि अभियोजन ने बहुत सोची समझी योजना के तहत सलमान खान और अन्य सितारों को फंसाया गया है। उन्होंने वन्यजीव विभाग के सभी गवाह एक जाति विशेष के ही होने पर सवाल उठाते हुए सरकार की ओर से नियुक्त लोक अभियोजन अधिकारी भवानीसिंह भाटी से पूछा कि क्यों आपको एक भी गवाह अन्य वर्ग का नहीं मिला।

चश्मदीद भी संदेहास्पद

उन्होंने अभियोजन के सबसे मजबूत और चश्मदीद गवाह पूनमचंद के माध्यम से पूर्व में न्यायालय में दर्ज हुए बयानों के विरोधाभासी वाक्यों आधार के पर यह साबित करना चाहा कि चश्मदीद गवाह अविश्वसनीय और संदेहास्पद है।

रात के घुप अंधेरे में नंबर प्लेट दिखाई देना असम्भव

सलमान के अधिवक्ता सारस्वत ने बहस के दौरान कहा कि कैसे कोई साधारण व्यक्ति रात के घोर अंधेरे में भागती हुई जिप्सी के नम्बर देख सकता है। घटनास्थल से 3000 मीटर दूरी पर भी गवाह को जिप्सी के आगमन और अन्य लोगों की हलचल सुनाई देना, 50-60 परिवारों वाली ढाणी से केवल एक व्यक्ति छोगालाल को ही साथ ले जाना, जिप्सी में आगे बैठे व्यक्तियों को पीठ देखकर पहचान लेने सहित कई ऐसे तथ्य हैं, जो यह साबित करते हैं कि चश्मदीद गवाह पूनमचंद 2-3 अक्टूबर 1998 की आधी रात घटनास्थल पर नहीं था। उसे समझा कर और मैनेज कर के गवाह बनाया गया था।

अंतिम बहस के दौरान सैफ अली खान , तब्बू और नीलम के अधिवक्ता केके व्यास उपस्थित थे। समय अभाव के कारण बहस सोमवार को पूरी नहीं हो पाई। मामले की सुनवाई मंगलवार यानी आज भी जारी रहेगी। आपको बता दें कि 19 साल से चल रहे इस मामले में सलमान खान व अन्य फिल्मी सितारों पर हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान हिरण शिकार के आरोप हैं।

Published on:
07 Nov 2017 10:55 am
Also Read
View All