7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जेडीए ने इस कदर किया मजबूर कि गुम फाइलें पता लगाना अब एसीबी व पुलिस के बस की भी बात नहीं रही…!

जेडीए का कोई भी कर्मचारी नहीं ले रहा जिम्मेदारी, बिना फाइलें जांच मुश्किल  

2 min read
Google source verification
narendra singh solanki arrested

narendra singh solanki arrested

जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से करवाए गए विकास कार्यों पर सवाल उठने के बाद से ही गायब हुई सवा सौ से अधिक फाइलें ढंूढना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। तमाम प्रयासों के बावजूद यह पता नहीं चल पा रहा कि ये फाइलें आखिर कहां गईं। पूछताछ के लिए बुलाए गए जेडीए के अधिकारी व कर्मचारी भी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अब एसीबी ने फिर से नये सिरे से कवायद शुरू की, लेकिन फिलहाल कुछ भी हाथ नहीं लगा है। जब तक इन फाइलों के बारे में पता नहीं चल पाता, तब तक इन कार्यों व हुए गोलमाल की पूरी तरह से जांच करना मुश्किल हो जाएगा। ठेकेदार की गिरफ्तारी के बाद अब यह मामला तूल पकडऩे लगा है। एसीबी नए सिरे से इसका पता लगाने के लिए पुलिस का भी सहयोग ले रही है।

मिलीभगत अधिकारियों की, अब बचने की फिराक में


एसीबी की मानें तो जेडीए की ओर से सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों में अंधाधुंध बढ़ाई गई वित्तीय स्वीकृतियों में गड़बड़ी वाली सवा सौ से अधिक फाइलें गायब हैं। जेडीए ने अपने बचाव के लिए रातानाडा थाने में मामले दर्ज करवा कर इतिश्री कर ली। जेडीए ने इस मामले में जिम्मेदार अफसरों एवं कर्मचारियों के नाम नहीं बताए। सभी अधिकारी व कर्मचारी एक-दूसरे पर मामला डाल कर खुद का बचाव करने में जुटे हुए हैं। जेडीए ने सर्च नोटिस जारी कर औपचारिकताएं पूरी कर लीं, लेकिन बरसों बाद भी यह पता नहीं चल पा रहा है कि आखिर ये फाइलें गायब होने के पीछे जिम्मेदार कौन है।

गायब फाइलों में वे काम जिनकी अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृति दी गई


गायब फाइलें सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों से संबंधित थीं। ये कार्य रिवाइज कर सौ फीसदी से ज्यादा अतिरिक्त वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई थीं। अधिकतर मामलों में भुगतान भी हो चुका है। पुलिस ने जिम्मेदार का नाम बताने के लिए जेडीए को कई बार पत्र लिखा, लेकिन उसे जवाब नहीं मिला। अब जेडीए में ठेकेदार नरेन्द्र सोलंकी की गिरफ्तारी के बाद फाइलें गुम होने का मामला फिर से उठने लगा है।

दे रहे हैं गोलमाल जवाब

जेडीए में फाइलें गुम होने के मामले में सभी गोलमाल जवाब दे रहे हैं। अब इसकी एसीबी नये सिरे से जांच पड़ताल कर रही है। फिलहाल जेडीए का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहा है। -अनिल पुरोहित, उप अधीक्षक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जोधपुर