
asaram rape case final hearing continue in Jodhpur court
नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार के मामले में सोमवार को आसाराम के वकील ने अदालत में अंतिम बहस करते हुए आसाराम पर यौन दुराचार का आरोप लगाने वाली लड़की पर कथित तौर पर भूत प्रेत का साया होने की आशंका जताते हुए अपने मुवक्किल को बेगुनाह बताया। ध्यान रहे कि आसाराम पर पीडि़ता पर भूत प्रेत का साया हटाने के नाम पर जोधपुर बुलाने का आरोप लगाया गया था।
अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय के न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा की अदालत में चल रहे इस मामले में सोमवार को बचाव पक्ष की ओर वकील सज्जनराज सुराणा ने पांचवीं बहस की। मुख्य रूप से बहस आसाराम के खिलाफ दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट पर की जा रही है। बचाव पक्ष ने सबसे ज्यादा इस बात पर ध्यान आकर्षित किया कि घटना जोधपुर के एक गांव में घटित होना बताई गई, जबकि एफआईआर दिल्ली में दर्ज करवाई गई। बहस के दौरान सरकार की ओर से नियुक्त विशिष्ट लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई और पीडि़ता की ओर से अधिवक्ता प्रमोदकुमार वर्मा और पीसी सोलंकी उपस्थित थे। समय अभाव के कारण सोमवार को बहस पूरी नहीं हो पाई। इसी मामले की मंगलवार को फिर से सुनवाई होगी।
जो सहन कर सके वह संत
सोमवार को आसाराम बहुत शांत नजर आ रहा था, पिछले दिनों की अपेक्षा सोमवार को समर्थक कम नजर आए। आसाराम को दोपहर 2.25 बजे कोर्ट में पेश किया गया। मीडियाकर्मी जब उसका फोटो ले रहे थे, तब आसाराम ने आध्यात्मिक अंदाज में कहा 'जो सहन कर सके वह संत है, पहले भी संकट आए थे, लेकिन न्यायपालिका और ऊपर वाले पर पूरा भरोसा है।'
गौरतलब है कि 01 सितम्बर 2013 को नाबालिग से यौन दुराचार के आरोप में छिंदवाड़ा के आश्रम से आसाराम को गिरफ्तार कर पुलिस जोधपुर लेकर आई थी। तब से आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में है। न तो उसे जमानत मिली और न ही अन्य राहत मिली। इस मामले में जहां अभियोजन ने 44 गवाहों एवं बचाव पक्ष की ओर से 31 गवाहों के बयान करवाए गए।
Published on:
07 Nov 2017 09:02 am
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