शिक्षा और सदभावना के दूत मुफ़्ती अशफ़ाक हुसैन नईमी के चोखा में आयोजित उर्स में हजारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान विद्वानों ने समाज सुधार के लिए स्वर मुखर किए। युवाओं से शिक्षा की ओर ध्यान देने व नशे से दूर रहने की नसीहत की।
उदारता की प्रतिमूर्ति और इल्म व मोहब्बत दूत मुफ़्ती अशफ़ाक हुसैन नईमी का तीसरा उर्स व दारुल उलूम इस्हाकिया अरबी यूनिवर्सिटी का 58 वां दीक्षांत समारोह चौखा इंस्टीट्यूट में हज़ारों अक़ीदतमंदों की मौजूदगी में श्रद्धा के साथ मनाया गया।
युवाओं से नशा छोडऩे का आह्वान
उर्स के मौके पर एक अजीमुश्शान तकरीर का प्रोग्राम हुआ, जिसमें मौजूदा मुफ्ती-ए-आज़म राजस्थान मुफ़्ती शेर मोहम्मद खान ने जनसमूह से कहा कि समाज में बढ़ती अशिक्षा और नशाखोरी की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होने युवाओं से नशा छोडऩे का आह्वान किया।
जो जानबूझ कर अनजान,वे सब गुनहगार
कछौछा उत्तर प्रदेश के मौलाना सय्यद नूरानी मियां और मौलाना मुख्तार रिजवी ने बताया कि समाज में बढ़ती कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाना हम सब का कर्तव्य है और जो जानबूझ कर अनजान बने बैठे हुए हैं, वे सब गुनहगार हैं।
नक्शे कदम पर चलने की जरूरत
मौलाना नईमी की संघर्षमयी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके नक्शे कदम पर चलने की जरूरत बताई। इनके अलावा बाहर से आए हुए कई इस्लामी विद्वानों ने प्रोग्राम में आए हुए अकीदतमंदों को संबोधित किया।
विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं
उर्स के दौरान दारुल उलूम इस्हाकिया का 58 वां सालाना दस्तारे-फ़ ज़ीलत का आयोजन भी हुआ। इसमें मदरसे से अपनी शिक्षा पूरी कर चुके विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं।
यहां हजारों लोगों का हुजूम उमड़ा। उर्स में पूरे भारत से मुरीदों का आना जाना लगा रहा। अन्त में देश मे अमन की दुआ की गई। हाजी मोईनुद्दीन ने उर्स मे आए मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।