- कृषि विभाग व वैज्ञानिकों से फसलों को बचाने के लिए आपातकालीन योजना बनाने का आह्वान- क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति (जर्क) की बैठक
जोधपुर।
कृषि के क्षेत्र में कई चुनौतियां हैं, जिनमें मुख्य रूप से इस वर्ष वर्षा कम मात्रा में होना या नहीं होना ज्वलन्त मुद्दा है। पश्चिमी राजस्थान इसकी वजह से अकाल के प्रकोप की ओर अग्रसर हो रहा है। कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक अनुसंधान डॉ सीताराम कुम्हार ने बुधवार को कृषि विश्वविद्यालय में क्षेत्रीय अनुसंधान एवं प्रसार सलाहकार समिति (जर्क) की बैठक में यह चिन्ता व्यक्त की। डॉ कुम्हार ने कृषि वैज्ञानिकों व कृषि विभाग के अधिकारियों से इस विषम परिस्थिति में किसानों की फ सलों को बचाने के लिए आपतकालीन योजना बनाकर किसानों को अवगत कराने का आह्वान किया। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ ईश्वरसिंह ने प्रसार कार्यकताओं से वैज्ञानिकों की नई कृषि तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की बात कही। बैठक में जोधपुर, बाड़मेर, व नागौर जिलों में स्थित कृषि अनुसंधान संस्थान, काजरी, कृषि अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र तथा कृषि विभाग के कृषि वैज्ञानिक व कृषि अधिकारियो नें भाग लिया। बैठक में रबी 2021-22 के लिए नए अनुसंधान कार्यक्रम तय करने व रबी 2020-21 में हुए अनुसंधानों की समीक्षा कर किसानों के लिए नई किस्में व उन्नत तकनीकों की सिफ ारिशें की गई।