Jodhpur : सुल्तान नगर क्षेत्र के हालात, अंडरग्राउंड और भूतल में भरा है पानी
जोधपुर.
शहर के निचले क्षेत्रों में शामिल सुल्तान नगर में बारिश के बाद से जमा पानी मुसीबतें बढ़ा रहा है। 30 से ज्यादा मकानों के भूतल या अंडरग्राउंड में पानी भरा है। एेसे में कुछ परिवार छत पर तम्बू लगाकर रहने को मजबूर हैं।
बनाड़ रोड क्षेत्र के आगे नाले के अधूरे निर्माण के चलते पिछले सप्ताह हुई बारिश में सुल्तान नगर क्षेत्र में पानी जमा हो गया था। निगम ने मशीनें लगाकर पानी खाली करवाया। यह पानी जमीन के समानान्तर घरों में भर गया। इससे कई लोग संकट में हैं। इन्हें मकान क्षतिग्रस्त होने और बीमारियां फैलने का खतरा सता रहा है।
माइनिंग क्षेत्र को पाटकर बनी है कॉलोनी
निगम प्रशासन का तर्क है कि यहां पहले खनन होता था। कॉलोनी मलबे से गड्ढे पाटकर बसाई गई। यह इलाका शहर के अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा नीचा है। इसी कारण पानी भर जाता है।
इनका कहना
बारिश में हर साल परेशानी होती है। पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इस कारण मोहल्ले में ही पूरा पानी एकत्रित हो जाता है।
- भूपेन्द्रसिंह
घर में पानी भरने से बहुत नुकसान हुआ। काफी सामान खराब हो गया। कोई सुध लेने नहीं आता।
- सरवन कंवर
दो साल पहले भी बाढ़ के हालात बन गए थे। समस्या का समाधान नहीं होने से इस बार भी परेशानी हुई।
- मदनसिंह
पानी निकलवा दिया
सुल्तान नगर क्षेत्र में जमा पानी निकलवा दिया है। लोगों के घरों में पानी भरा है। यह समस्या शहर के अन्य वार्ड में भी है। इतने संसाधन नहीं हैं कि घरों का पानी निकाला जाए। डर्बी कॉलोनी डूब क्षेत्र में है। वहां का पानी तो निकल गया है। हम बारिश के सीजन में कुछ माह के लिए सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने का प्रस्ताव देते हैं, लेकिन लोग कब्जा जाने के डर से नहीं हटते।
घनश्याम ओझा, महापौर, नगर निगम
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इस इलाके में लोग हाथ जोड़ते हैं, बारिश नहीं आए
जोधपुर. शहर के बासनी क्षेत्र में आबाद डर्बी कॉलोनी बारिश के दिनों में डूब जाती है। कई दिनों तक पानी नहीं निकल पाता। घरों के पीछे सीवरेज के पानी का का तालाब भरा होने के कारण बरसात आते ही पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। यहां बारिश आते ही हाहाकार मच जाता है। इस इलाके के लोग हाथ जोड़कर कामना करते हैं कि बारिश नहीं आए।
इस क्षेत्र में आवासों के पीछे निजी भूखंडों पर भैरव नाले का सीवरेज का पानी और आसपास की फैक्ट्रियों का कैमिकलयुक्त पानी भरा है। इस कारण पीछे का क्षेत्र पूरा तालाब बन चुका है। यह तालाब लोगों की खिड़कियों से महज दो फीट नीचे है। एेसे में मानसून के सीजन में एक तेज बारिश से सभी के घर डूबने का खतरा रहता है। तालाब का जलस्तर तो कम हो जाता है, लेकिन बस्ती में पानी भरा रहता है। ये समस्या चार-पांच साल से है। पिछले साल भी कई आवास डूब गए थे।
बरसाती नाला सीवरेज उडेल रहा
बरसाती नाला बरसात से पहले सूखा रहना चाहिए, लेकिन यहां नाला सीवरेज का पानी कॉलोनी में लाकर उडेल रहा है। नगर निगम न तो सीवरेज की व्यवस्था कर रहा है और न ही जेडीए इस नाले का निर्माण कर रहा है। एेसे में यह कॉलोनी भगवान भरोसे है।
सांसों में घुल रही है बदबू
कॉलोनी में सीवरेज के व कैमिकल युक्त पानी की बदबू आ रही है। इस कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैलने का अंदेशा है। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।