मण्डोर स्थित वीरेन्द्र नगर के बाशिंदे तरस रहे पक्के मार्ग को
जोधपुर . इस कॉलोनी में प्रवेश करते ही सड़क के गड्ढे दर्द देना शुरू कर देते हैं। सड़क की हालत इतनी बदतर है कि वाहन लेकर इधर से गुजरने से पहले सौ बार सोचना पड़ता है।
उपेक्षा की यह दर्दभरी दास्तान मण्डोर स्थित वीरेन्द्र नगर की है। इस कॉलोनी के आगे से नेशनल हाइवे ६५ निकलता है, जिससे आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। कॉलोनी से बाहर निकलते ही कई बार हाइवे से तेज गति से गुजरते भारी वाहनों की चपेट में आने से हादसे होते है। हादसों की रोकथाम के लिए जिम्मेदारों को कई बार चेताया, लेकिन तनिक भी सुध नहीं ली गई।
यह है कॉलोनी की कहानी
यह कॉलोनी वर्ष १९९३ में कटी थी। कॉलोनी को तीन बड़े सेक्टर ए, बी और सी में बांटा गया है। कॉलोनी कटने के २५ वर्ष बाद भी यहां पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ। यह कॉलोनी नेशनल हाइवे ६५ पर स्थित होने के बावजूद यहां विकास की गंगा अभी प्रवाहित नहीं हुई है। वीरेन्द्रनगर के बाशिंदों ने सड़क निर्माण के लिए सरकार से कई बार शिकायत की, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ हासिल नहीं हुआ। जब भी चुनाव का समय आता है तो राजनेता वोटो के लिए ये वादा करते है कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर सड़क का निर्माण करवाएंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इधर मुड़कर भी नहीं देखते हैं। यहां के लोग अभी तक इसी आस में है कि एेसी सरकार कब आएगी, जो इस सड़क का निर्माण करवाएगी।
इनका कहना है
हमारी कॉलोनी में तीन सेक्टर है। यहां २५ साल से एक बार भी पक्की सड़क नहीं बनी है। चारों ओर कॉलोनी में गन्दगी पड़ी है, लेकिन कभी भी नगर निगम का कोई कर्मचारी यहां सफाई के लिए नहीं आता है। कॉलोनी हाइवे पर होने की वजह से यहां आए दिन यहां हादसे होते रहते है।
-जितेन्द्र सिंह राठौड़
मैं यहां लगभग २० साल से रह रहा हूं। यहां पर इतने सालों से एक बार भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया। जेडीए और नगर निगम से पट्टा लेने का हमें कोई फायदा नहीं मिला। सड़क नहीं होने और चारों ओर गंदगी फैली होने की वजह से यहां की स्थिति खराब हो गई है।
-एमडी चारणv