
यू विन पोर्टल पर जाकर किसी भी लाभार्थी गर्भवती महिला और बच्चों को टीका लगवाना है तो वह कोविड वैक्सीनेशन की तरह अपने नजदीकी वैक्सीनेशन सेंटर पर आगामी दिनों में आयोजित होने वाले वैक्सीनेशन के लिए स्कैन कोड के माध्यम से स्लॉट बुक करा सकते हैं। इसके बाद उस वैक्सीनेशन साइट पर जाकर भी टीका लगवा सकते हैं।
गर्भवती और जच्चा-बच्चा को टीका लगने के बाद यू विन पोर्टल के माध्यम से मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा और उसका सारे टीकाकरण से संबंधित डिटेल यू विन पोर्टल पर उपलब्ध भी रहेंगे। इससे लाभार्थी को किसी भी राज्य एवं जिले में टीकाकरण का लाभ उठाने में परेशानी नहीं होगी।
ग्रामीण इलाकों की प्रसूताओं और नौनिहालों को अब देश के किसी भी राज्य में यू विन एप के माध्यम से टीकाकरण की सुविधा मिल सकेगी। किसी कारणवश यदि समय पर टीका लगवाना भूल गए तो निर्धारित तिथि पर मोबाइल फोन अलर्ट कर देगा। साथ ही जिन बच्चों को टीका नहीं लगा है, उनको भी आसानी से ढूंढा जा सकेगा। कोरोना के बाद केंद्र सरकार ने कोविड टीकाकरण के समय चलाए कोविन पोर्टल को इस सुविधा के लिए यू विन पोर्टल में परिवर्तित कर दिया है। अब टीकाकरण को लेकर पूरी जानकारी यू विन एप से पता चल सकेगी।
गौरतलब है कि अब तक टीका लगवाने के लिए सभी महिलाओं को ममता कार्ड साथ रखना होता था। लेकिन अब सिर्फ आधार कार्ड और मोबाइल नंबर बताने पर एक क्लिक में ही सारी जानकारी सामने आ जाएगी। इसमें बच्चे और प्रसूता को कब व कहां टीका लगा था, कौन सा टीका है, कितने टीके लग चुके हैं और कितने बाकी है, यह सब जानकारी होगी। प्रसूता और बच्चा अगर अपने इलाके से बाहर है तो संबंधित ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी परिजन से संपर्क कर उसका पता भी लगा सकेगा। इसके बाद देश में कहीं भी टीका लगवा सकते हैं।
चिकित्सा विभाग की ओर से प्रदेश में प्रतिवर्ष कई बच्चे लेट और ड्रॉप आउट हो जाते हैं और उन्हें ढूंढने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ती है। अब यू विन एप के माध्यम से टीकाकरण होते ही प्रसूता और बच्चे की पोर्टल पर एंट्री हो जाएगी। ऐसी स्थिति में तय तिथि पर अलर्ट मोड पर जच्चे-बच्चे को ढूंढा जा सकेगा।
यू विन पोर्टल पर खंड स्तर और सेक्टर स्तर से एक बार मास्टर डेटा दर्ज करना होगा। उसके बाद पोर्टल पर एक बार गर्भवती का रजिस्ट्रेशन होगा, जो आधार कार्ड से लिंक किया जाएगा। इसके बाद प्रसव के बाद भी जच्चा और बच्चा का टीकाकरण का रिकॉर्ड पोर्टल पर स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। यू विन पोर्टल के तहत लाभार्थियों को लगने वाले टीके की रियल टाइम एंट्री भी की जाएगी।