बैगा-आदिवासी आज भी अपने दम ही अपने गांवों को संवार रहे हैं। शासन की योजनाएं इनके तक पहुंचे या न पहुंचे यह खुद ही श्रमदान कर गांव का विकास रहे हैं। यह बैगा-आदिवासी स्टॉपडेम, कुआं, सड़क, सामुदायिक भवन तक खुद ही निर्माण कर रहे हैं। पंडरिया विकासखंड के वनांचल में बैगा आदिवासी श्रमदान से अपने गांव को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हंै। पंडरिया ब्लाक मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर वनांचल गांव सज्जनखार के ग्रामीणों ने श्रमदान कर 200 मीटर सड़क का निर्माण किया है।
बरसात के समय ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। ऊंचे-ऊंचे खास उग जाने के कारण रास्त दिखाई नहीं और मार्ग भी कीचड़ मय हो जाता है। इससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो जाता है। इसके चलते ही उन्होंने श्रमदान कर सड़क बनाया। सड़क के लिए पहले मार्ग को साफ किया गया और फिर उसमें मिट्टी डाला गया। मिट्टी को पत्थरों से दबाया गया। इसके बाद अब इसमें मुरुम बिछाई जाएगी, जिसके बाद यह सड़क डब्ल्यूबीएम की तरह बन जाएगी। इसमें गांवभर के महिला व पुरुष ने अपनी भूमिका निभाई।
ग्राम सज्जनखार के ग्रामीणों ने अपने गांव में सड़क के साथ-साथ स्टॉपडेम भी बनाए। गांव के पास ही आगर नदी गुजरती है। गर्मी के दिनों में यह नदी अब सूखने लगी है, इसके चलते ही ग्रामीणों ने इस पर स्टॉपडेम का निर्माण किया। ताकि वह पानी को रोककर पूरी गर्मी इसका उपयोग कर सके।
मंदिर के लिए ईंट निर्माण :
ग्राम रोखमी में बैगा-आदिवासियों ने गांव में महामाया मंदिर निर्माण का निर्णय लिया है। इसके लिए गांवभर के लोग एकजुट होकर ईंट निर्माण कर रहे हैं। श्रमदान कर ग्रामीणों ने 10 हजार ईंट बनाए और उसे भट्ठे में पकाया। इसके बाद भी अब ईंट का उपयोग मंदिर निर्माण में किया जाएगा।
वनांचल ग्राम ढोलढोली के बैगा-आदिवासी शासन से बिना किसी आर्थिक मदद से खुद ही सामुदायिक भवन का निर्माण कर रहे हैं। यह सामुदायिक भवन ईंट व पत्थरों के बजाए लकड़ी से बनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसके लिए खंभे भी खड़े कर चुके हैं। सामुदायिक भवन के निर्माण के बाद इसका उपयोग सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
सज्जनखार में 200 मीटर सड़क व आगर नदी पर स्टॉपडेम, पुटपुटा में आगर नदी पर स्टॉपडेम व सीसी रोड किनारे मिट्टीकरण, रोखमी में 10 हजार ईंट निर्माण, ढोलढोली में लकड़ी का सामुदायिक भवन, चिताडबरी में स्टॉपडेम निर्माण, पिरटोला में कुआं निर्माण।