जिले में सूखे की भयावह स्थिति है, जिसका जायजा लेने केन्द्रीय सर्वे टीम ने जिले के बोड़ला विकासखण्ड के पांच क्षेत्र पहुंचे। स्थिति को देखकर माना कि यहां गंभीर हालात है । किसानों ने सर्वे टीम को अकाल के चलते हो रही परेशानी से अवगत कराया है।
केंद्रीय टीम जायजा लेने मिनमिनिया जंगल, केजयी डबरी, लरभक्की, भरतपुर व तरेगांव जंगल पहुंचे। किसानों से चर्चाकर खेत पर उतर का हकीकत से रुबरु हुए और कहां यहां सूखा है। इसके लिए वे केन्द्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश के कुछ क्षेत्रों को सूखा घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार मांग की थी, जिसकी समीक्षा करने केन्द्र से चार सदस्यीय टीम जिला पहुंचे।
दिल्ली की सर्वे टीम की हेलीकॉप्टर जैसे ही गांव के मैदान में उतरी और किसानों को जानकारी हुआ की फसल की सर्वे के लिए टीम पहुंची हैं किसानों के चहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। किसानों से सर्वे टीम ने चर्चा भी किया और आसपास की स्थिति की जानकारी ली। वहीं किसानों से पूछा गया कि सिंचाई का साधन क्या है। जिले में सूखे की स्थिति क्यों आई, जिसके बाद सर्वे टीम संतुष्ट हुई।
दिल्ली की सर्वे टीम ने जिले के अलग-अगल पांच गांव का सर्वे किया, उन्होंने भी जिले को सूखे की चपेट में होने का अनुमान लगाया है। सर्वे टीम ने माना की धान की फसल में बाली तो है किंतु पैदावार नहीं है। जितने क्षेत्रों का जायजा लिए उसके हिसाब से 90 प्रतिशत सूखा है। इस रिपोर्ट को केन्द्र सरकार को सौंपेगी, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही जिले को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सके।