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Jaipur Marriage New Problem : ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। पहले एलपीजी गैस सिलेंडरों की कमी से जूझ रहे शादी वाले परिवारों की परेशानी अब नए नोटों की किल्लत ने और बढ़ा दी है। जयपुर ग्रामीण के बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, चौमूं, शाहपुरा, कोटपूतली और फागी सहित कई क्षेत्रों में 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपए के नए नोटों की गड्डियां मिलना मुश्किल हो गया है।
भारतीय विवाह समारोहों में नए यानी फ्रेश नोटों का विशेष महत्व होता है। मेहमानों की अगवानी, विदाई, भात, नेग और अन्य रस्मों में इनका उपयोग परंपरागत रूप से किया जाता है। ऐसे में नोटों की कमी सीधे इन रस्मों पर असर डाल रही है और परिवारों की चिंता बढ़ा रही है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि उनके पास नए नोटों की आपूर्ति ही नहीं हो रही है।
शादी वाले परिवारों को जरूरत के मुताबिक नए नोट नहीं मिल पा रहे हैं। शादी वाले परिवार के हरिकिशन मीना सहित कई लोगों ने बताया कि कई लोग बैंक शाखाओं के बार-बार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। सबसे ज्यादा किल्लत 10-10 रुपए के नए नोटों की गड्डियों की है। लोग परिचितों और नेताओं के जरिए सिफारिशें तक करवा रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बैंक शाखाओं और चेस्ट ब्रांचों में लोग सुबह से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन वहां भी एक-दो गड्डियों तक ही सीमित कर दिया जाता है। जानकारों के अनुसार, एक औसत शादी में केवल अगवानी और विदाई के लिए ही 20 और 50 रुपए के कम से कम आठ बंडल जरूरी होते हैं। इसके अलावा अन्य रस्मों के लिए अलग से छोटे नोटों की जरूरत पड़ती है, जो अब उपलब्ध नहीं हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई परिवारों को नए नोट ब्लैक में खरीदने पड़ रहे हैं। इससे उनकी लागत और बढ़ रही है। बस्सी निवासी राजेश कुमार मीना ने बताया कि कई प्रयासों के बावजूद उन्हें बैंक से नोट नहीं मिले, जिससे वे परेशान हैं।
गैस सिलेंडर की कमी और अब नए नोटों के संकट ने शादी वाले घरों की मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। रस्मों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करना अब चुनौती बनता जा रहा है। लोगों ने प्रशासन और बैंकिंग व्यवस्था से मांग की है कि वैवाहिक सीजन को देखते हुए नए नोटों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि परंपराएं प्रभावित न हों और आमजन को राहत मिल सके।
नए नोटों की गड्डियां आ ही नहीं रही हैं। फरवरी में शिविर लगाकर वितरण किया था, लेकिन अब आपूर्ति बंद है, ऐसे में हम ग्राहकों को कैसे दें।
जीएल सेहरा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई चेस्ट ब्रांच, बस्सी
Published on:
12 Apr 2026 10:38 am
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