वन अमला दिनभर भालू के सुरक्षा के लिए डेरा डाल ड्यूटी देते रहे
कांकेर. जिला मुख्यालय से लगे ग्राम नांदनमारा में भालू के आतंक से दिनभर लोगों की सांस अटकी रही। हालांकि भालू ने किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया। लेकिन गांव में उसकी मौजूदगी से गांव में दहशत का माहौल रहा। लोगों की सूचना के बाद पहुंची वन अमला ने दिनभर भालू के सुरक्षा के लिए डेरा डाल ड्यूटी देते रहे। काफी मशक्कत के बाद दोपहर 12 बजे इमली पेड़ से भालू नीचे उतरकर जंगल की ओर भाग निकला। भालू आने की खबर पर ग्रामीणों का हुजूम लग गया था।
ग्राम नांदनमारा के शीतलापारा निवासी जयलाल पटेल के मकान के पीछे इमली पेड़ पर एक भालू चढ़ गया था, भालू आने का अभास रात में हो गया था, घर बाजू में शीतला मंदिर है, जहां उसका आवाज सुने थे। लोगों ने सुबह पांच बजे पेड़ में चढ़ते भालू को देखा, इसकी जानकारी गांव के प्रमुखों को दी, वहीं, वन विभाग को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी अपनी टीम के साथ पेड़ के आसपास भालू के सुरक्षा के लिए तैनात हो गए और लोगों को उस मार्ग में आने-जाने से मना कर दिए।
सुबह से ही भालू को देखने लोगों की भीड़ लगी रही। काफी मशक्कत के बाद दोपहर 12 बजे भालू पेड़ से नीचे उतर का पहाड़ की ओर गया। भालू के सुरक्षा के लिए वन विभाग के हीरा सिंह ठाकुर, जमील अहमद बख्स, नेम चंद कांगे, विमल ठाकुर, विरेन्द्र गोटी, दुर्गेश कश्यप सहित अन्य कर्मी तैनात थे।
गांव में भालू आने की सूचना पर उनकी टीम गांव पहुंची थी। भालू के सुरक्षा के लिए वनकर्मी तैनात थे। वहीं, भालू सिर्फ मधुमक्खी खाने के लिए गांव पहुंचा था। फिलहाल वन कर्मी ने स्थिति को काबू कर लिया है।
केएस ठाकुर, कांकेर रेंज प्रभारी