
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। वन विभाग की टीम ने उस वक्त हैरान रह गए जब देखा कुछ लोग कछुए के मांस की बोली लगा रहे थे। मौके पर टीम ने दौड़कर दो को दबोच लिया। वहीं, एक आरोपी फरार हो गया।
आरोपी 40 किलो कछुआ का शिकार कर 600 रुपए प्रति किलो की दर से लोगों को मांस बेच रहे दो आरोपियों के खिलाफ वन विभाग के अफसरों ने पखांजूर थाने में अपराध दर्ज कराया है। परिमल पिता चांदमोहन व सुजीत अधिकारी को वन विभाग के डिप्टी रेंजर कापसी देवदत्त तारम एवं वन कर्मचारियों के अमले ने रगेंहाथ कछुआ के साथ पकड़ लिया था।
दोनों आरोपी वन विभाग की टीम को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। खाली हाथ वन विभाग की टीम ने मौके से कछुआ काटने का खंजर, गोस्त, कछुआ की पीठ की हड्डी एक स्कूटी सीजी 04-4324 बरामद किया है। जानकारी के अनुसार ग्राम पीव्ही-122 बड़े कापसी के सरहद पर मछली बीज नर्सरी की पड़ताल करने गए थे।
उसी दौरान परिमल पिता चांद मोहन पीव्ही-119 निवासी एवं सुजित अधिकारी पिता निरंजन अधिकारी बड़े कापसी पीव्ही-122 दोनों मिलकर स्कूटी में कछुआ लाए। कछुआ को काटकर 600 रुपए प्रति किलो की दर से बेच रहे थे। मुखबिर की सूचना पर कापसी परिक्षेत्र वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सामग्रियों में वाहन, खंजर जप्त कर लिया है। इस संबंध में कापसी वन परिक्षेत्र अधिकारी दिनेश तिवारी ने बताया की कछुआ विलुप्त प्रजाति का दुर्लभ जीव है। इसका शिकार करते पाए गए दोनों आरोपियों पर वन्यप्राणी अधिनियम की धारा 9 के अपराध दर्ज किया गया है। न्यायालय में पेश करने की प्रकिया प्रारंम्भ की जा रही है।
लोगों में आक्रोश
कछुए को भगवान के रूप में पूजा जाता है। वहीं, अचानक कछुए का शिकार कर मांस बेचने की घटना को सुनकर लोग सकते में आ गए। वहीं, लोगों में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अहंकारी और पापी लोग फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
Published on:
22 Aug 2017, 5:39 PM IST
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