
चारामा में NH-30 पर अब भी डेरा (फोटो सोर्स- पत्रिका)
NH-30 Cattle Accident: कांकेर जिले के चारामा नगर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर इन दिनों सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। खासकर रात के समय सड़क पर बड़ी संख्या में मवेशियों के बैठे रहने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। बीते शनिवार की दरम्यानी रात से रविवार सुबह तक चारामा थाना के सामने ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी संख्या में मवेशी सड़क पर बैठे नजर आए। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक मवेशियों से बचकर निकलते दिखाई दिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्ग पर सड़क के बीचों-बीच मवेशियों का बैठना गंभीर स्थिति को दर्शाता है। रात के अंधेरे में सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को दूर से स्पष्ट दिखाई नहीं देते। ऐसे में अचानक सामने आने वाले मवेशियों से बचने के लिए वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है या वाहन को दूसरी दिशा में मोड़ना पड़ता है। इससे न केवल मवेशियों की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर दो अलग-अलग घटनाओं में तेज रफ्तार अज्ञात वाहनों की चपेट में आने से करीब 20 मवेशियों की मौत हो चुकी है। लगातार ऐसी घटनाएं होने के बाद भी सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा कम नहीं हुआ है। इससे लोगों में चिंता बढ़ने के साथ ही प्रशासन की व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर मवेशियों के बैठे रहने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। दिन के समय तो वाहन चालक किसी तरह मवेशियों को देखकर सावधानी बरत लेते हैं, लेकिन रात में स्थिति ज्यादा खतरनाक हो जाती है। कई बार मवेशी सड़क के बीच में ही बैठ जाते हैं, जिससे दोनों ओर से आने वाले वाहनों के बीच निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।
लगातार मवेशियों की मौत और दुर्घटना की आशंका के बावजूद इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही ऐसे इंतजाम किए जाने चाहिए, जिससे मवेशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर न पहुंचें।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों का इस तरह बैठना वाहन चालकों के साथ-साथ खुद मवेशियों के लिए भी खतरा है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने से वाहन चालक संभल नहीं पाते। ऐसी स्थिति में दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से राष्ट्रीय राजमार्ग पर नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है। साथ ही सड़क पर बैठे मवेशियों को हटाने की व्यवस्था करने और पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुले में छोड़ने से रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
लोगों का कहना है कि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। मवेशियों की लगातार हो रही मौतों के साथ ही सड़क से गुजरने वाले वाहन चालक और यात्री भी जोखिम में हैं। ऐसे में राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों के जमावड़े को रोकने के लिए समय रहते ठोस व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
Updated on:
20 Sep 2026, 7:11 PM IST
Published on:
20 Sep 2026, 7:11 PM IST
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