CG News: बेमौसम बारिश व तेज हवा ने मक्का उत्पादक किसानों के अरमानों पर ग्रहण लगा दिया है। खेतों में लगी मक्के की फसल अब तैयार होने को है लेकिन किसान अपने खेतों में मक्के की कटाई को लेकर चिंतित हैं।
CG News: मौसम ने अचानक करवट ली। बेमौसम ओलावृष्टि और अंधी तूफान ने घर के छत उड़े तो कही मक्का, तरबूज की फसल नष्ट हो गई। श्याम नगर पीव्ही 14 के ग्रामीणों के लिए प्राकृतिक कहर आफत बनके आया। ओलावृष्टि के साथ तेज हवा ने कई घर के टीना सेड, तिरपाल, बड़े-बड़े पेड़ गिर गए। ग्रामीण स्वरुप मण्डल, अमित सहा ने कहा मक्का, कद्दू, तरबूज एवं अन्य सभी सब्जी के फसल ओला गिरने से नष्ट हो चुका है।
इसी फसल के सहारे गुजारा चल रहा था मगर प्राकृतिक कहर से सब नष्ट हो गया है। अब शासन से मदद की आस लगाए है। शासन से मदद नहीं मिलती है तो काफ़ी नुकसान हो जायेगा। सरपंच सुधांशु कुमेटी, उप सरपंच पति सम्राट चक्रवर्ती, ग्रामीण नितीश मल्लिक, रथिन सरकार, नेलाप राय, संदीप सिरदार पीड़ित युवक ज्योतिष वैध के घर पहुंचकर सांत्वना देते हुए कहा जल्द ही आपके नुकसान के संबंध में पखांजूर तहसीलदार एवं एसडीएम को अवगत करवाया जायेगा। ताकि शासन से आपको सहायता राशि प्राप्त हो। तेज हवा और पानी से घर पर पेड़ व बिजली के कई खंभे गिर गए है।
बेमौसम बारिश व तेज हवा ने मक्का उत्पादक किसानों के अरमानों पर ग्रहण लगा दिया है। खेतों में लगी मक्के की फसल अब तैयार होने को है लेकिन किसान अपने खेतों में मक्के की कटाई को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्र के अधिकांश किसानों की मक्के की फसल या तो खेतों में पड़ी है या तैयारी करने के लिए किसानों ने खलिहानों व सड़कों के किनारे जमाकर रखी गई है। इधर अचानक हुई मुसलाधार बारिश से मक्के की फसल पूरी तरह भींग गई है। किसानों को थ्रेसरिंग के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
CG News: बारिश में भींगने से मक्के के दानों की गुणवत्ता पर भी असर होने से इसकी कीमत कम मिलेगी। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों की रही सही आस भी अब टूटती दिख रही है जिससे किसान हताश है। बारिश के साथ तेज हवा चलने से आम की फसल को भी नुकसान हुआ है, लेकिन बारिश से मूंग, आम, कटहल व लीची उत्पादक किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है।
बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में गिरे मक्के की फसल देखकर किसानों का हलक सूखने लगा है। किसान बताते हैं कि इस वर्ष खेतों में मक्के की बेहतर फसल देख कर काफी राहत की उमीद जगी थी, लेकिन मौसम में आए बदलाव व तेज पछुआ हवा चलने के साथ बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है।