जगदलपुर की तरफ से आ रही कार की पुलिस ने चेकिंग की तो उसमे से कुछ अलग तरह की स्मेल आ रही थी।
कांकेर. छत्तीसगढ़ में लगातार गांजा तस्करी के मामले सामने आ रहे है। जगदलपुर की तरफ से आ रही कार की पुलिस ने चेकिंग की तो उसमे से कुछ अलग तरह की स्मेल आ रही थी। पुलिस ने जब सख्ती से जांच की तो उनके होश ही उड़ गए। कार में 125 किलो गांजा था। इतनी भारी मात्रा अगर बाहर निकल जाती तो कितने ही युवाओं को अपनी चपेट में ले लेती।
शासकीय अधिवक्ता संंदीप श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी मयूर देशले (23) निवासी मालेगांव-जलगांव महाराष्ट्र और प्रकाश बेलदार (38) निवासी ग्राम ऐरोण्डोल जिला जलगांव महाराष्ट्र से कार में 28 दिसंबर 2017 को गांजा तस्करी कर रहे थे। कांकेर पुलिस उस दिन एनएच-30 पर आतुरगांव में पेट्रोल पंप के पास वाहनों की दोपहर के समय चेकिंग कर रही थी।
वाहन चेकिंग के दौरान जगदलपुर की तरफ से तेज रफ्तार सफेद कलर की कार आते दिखी तो पुलिस ने रोककर जांच किया। कार के अंदर से गांजा जैसे मादक पदार्थ की खुशबू आ रही थी। पुलिस ने कार की डिक्की खोलकर देखा तो उसमें बोरी में 61 पैकेट गांजा छुपाकर रखा गया था। गांजा का वजन एक क्विंटल 25 किलो था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर दोनों को विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट हेमंत सराफ के कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया था। इस मामले में कोर्ट ने गवाहों के बयान पुलिस का कथन और जांच रिपोर्ट में गांजा की तस्करी में दोनों आरोपियों को दोषी पाया है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट में दोषी पाते हुए 15-15 साल का सश्रम कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। गांजा तस्करी में कोर्ट ने शुक्रवार को भी तीन अन्य तस्करों को 15-15 साल का जेल डेढ़ डेढ़ लाख के अर्थदंड से दंडित किया था।