ग्रामीण अंचलों के लोगों में दहशत रही।
कांकेर/पंखाजूर/दुर्गूकोंदल. माओवादियों ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ राज्य सहित 6 राज्यों में मुठभेड़ के विरोध में बंद का आह्वान किया था। पंखाजूर क्षेत्र के संगम से मच्छपल्ली जाने वाली सड़क पर करीब 20 से अधिक पेड़ काटकर सड़क को जाम कर दिए थे। सुबह इसकी जानकारी होते ही ग्रामीण अंचलों के लोगों में दहशत रही।
दूर्गूकोंदल क्षेत्र में आवागमन सुचारू रूप चलता रहा। इन दिनों माओवादी अपनी दहशत कायम रखने के लिए लगातार कोयलीबेड़ा ब्लॉक व अंतागढ़ क्षेत्र में विभिन्न घटनाओं को अंजाम देने में लगे हुए हैं। शुक्रवार 25 मई को छह: राज्यों में बंद का आव्हान कर कुछ दिनों से बैनर, पोस्टर व पर्चा फेंके थे। सुबह संगम से मच्छपल्ली में जाने वाली रोड में दर्जन से अधिक पेड़ सड़क पर गिरे दिखे। इसके अलावा गिरे पेड़ों में बैनर लगाकर बीजापुर में हुई घटना का उल्लेेख किया है, बेनर भाकप. माओवादी द्वारा जारी किया गया है। लोग यह दृश्य देखकर शहर जाने के लिए बनाई अपनी योजनाओं को रद्द किए। इधर, इसकी खबर लगते ही पुलिस घटना स्थल जाने के लिए रवाना हुई थी। इधर, कोयलीबेड़ा, अंतागढ़ सहित अन्य अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में किसी प्रकार का आवागमन अवरुद्ध नहीं था। कुछ स्थानों पर पेड़ काटकर सड़क पर डाल देने से ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी हुई।
अंचल में माओवादियों का बंद रहा बेअसर
माओवादियों ने गढ़चिरौली में 22 से 24 अप्रैल को मुठभेड़ को फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए 25 अप्रैल को छ: राज्यों में बंद का आह्वान किया था, लेकिन दुर्गूकोंदल में माओवादी का बंद बेअसर रहा, दुकानें सुबह से खुली रही, साप्ताहिक बाजार पर भी कोई असर नहीं पड़ा। दुर्गूकोंदल पखांजूर मार्ग में यात्री बस, टैक्सी और ट्रक चलती रही, वहीं बंद के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस गश्त सर्चिंग बढ़ा दी है। माओवादियों के आह्वान को लेकर क्षेत्र में दहशत का आलम था। कोयलीबेड़ा क्षेत्र में माओवादियों ने कई स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ों को काटकर सड़क पर गिरा दिया। सड़क पर पेड़ गिराने से लोगों को कुछ देर के लिए परेशानी उठानी पड़ी।