कांकेर

Kanker News: काम कहां हुआ? पंचायत में राशि आहरण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, कलेक्टर से शिकायत

Kanker Panchayat News: कांकेर जिले की ग्राम पंचायत श्यामनगर में विकास कार्यों के नाम पर राशि आहरण को लेकर ग्रामीणों और पंचायत जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए हैं।
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Oct 01, 2026
Chhattisgarh News
कलेक्टर से शिकायत (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh Panchayat News: कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत श्यामनगर में विकास कार्यों के नाम पर राशि आहरण को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों और पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि पंचायत क्षेत्र में कई निर्माण कार्यों के लिए राशि निकाली गई, लेकिन मौके पर संबंधित काम या तो अधूरे हैं या फिर अब तक शुरू ही नहीं हुए हैं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से शिकायत कर जांच की मांग की है।

कई निर्माण कार्यों की राशि आहरण का आरोप

शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, पीवी-14 में बालक-बालिका शौचालय के जीर्णोद्धार के नाम पर राशि आहरित की गई है। हालांकि, मौके पर यह काम अधूरा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कार्य के लिए राशि निकाली गई, उसके बावजूद मौके पर काम पूरा नहीं हुआ है। इसी तरह गौठान मार्ग पर पुलिया निर्माण के लिए करीब 4 लाख रुपए की राशि आहरित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस राशि के आहरण और संबंधित निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाए हैं।

दो साल पहले राशि निकली, भवन निर्माण पर सवाल

ग्रामीणों का एक और आरोप पीवी-43 में सामुदायिक भवन निर्माण से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए करीब 1 लाख 20 हजार रुपए की राशि लगभग दो साल पहले आहरित की गई थी। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों और पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने इन सभी मामलों की जांच की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जिन निर्माण कार्यों के नाम पर राशि आहरित की गई, उनमें वास्तव में कितना काम हुआ है।

कैशबुक और भुगतान अभिलेख की जांच की मांग

मामले को लेकर उपसरपंच, वार्ड पंच समेत ग्रामीणों ने पंचायत के दस्तावेजों की जांच और निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत की कैशबुक, मास्टर रोल और भुगतान अभिलेखों की जांच की मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस काम के नाम पर राशि निकाली गई, उसका भुगतान किसे किया गया और मौके पर वास्तव में कितना काम हुआ, इसकी जांच जरूरी है। इसी के साथ संबंधित निर्माण कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की भी मांग की गई है।

Updated on:
01 Oct 2026 12:04 pm
Published on:
01 Oct 2026 12:03 pm