कांकेर

संविलियन को हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षाकर्मियों को नियमित करने की तैयारी शुरू, ये हैं मापदंड

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में करीब 5 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी अब शिक्षा विभाग के अधीन हो जाएंगे।
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Updated: 5 Jul 2018, 2:30 PM IST
shikshakarmi
संविलियन को हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षाकर्मियों को नियमित करने की तैयारी शुरू, ये हैं मापदंड

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में करीब 5 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी अब शिक्षा विभाग के अधीन हो जाएंगे। कांकेर में 487 शिक्षाकर्मियों का नाम शामिल है। बीईओ के मार्गदर्शन पर वरिष्ठता सूची भी जारी कर दिया गया है। हालांकि शिक्षा विभाग 8 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले सहायक शिक्षक पंचायत, व्यख्याता पंचायत का सूची बनाने की सूची समस्त बीईओ को निर्देशित किया है। पूरी सूची आने के बाद ही शिक्षकों की संख्या पूरी हो पाएगी।

बता दें कि शिक्षाकर्मी के सभी संघों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया था। प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर विचार कर संविलियन करने के लिए हरी झण्डी दे दिया है, लेकिन संविलियन के लिए कुछ मापदण्ड तैयार किया गया है। जिसके आधार पर पूरे प्रदेश के समस्त जिलों में 8 वर्ष अधिक सेवा देने वाले शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है।

जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में पूरे विकासखंड के शिक्षाकर्मी की सूची तैयार की जा रहा है। विकासखंड शिक्षा कार्यालय कांकेर में समस्त सहायक शिक्षक पंचायत व नगरी निकाय का संविलियन पंचायत ग्रामीण विकास विभाग से शिक्षा विभाग में किए जाने के लिए सूची जारी किया है।

1 जुलाई की स्थिति में आठ वर्ष पूर्ण सहायक शिक्षक पंचायत व नगरीय निकाय की वरिष्ठता सूची बीईओ भुवन जैन के मार्गदर्शन में जारी कर दिया गया है।जिसकी सूची जनपद कार्यालय व खण्ड शिक्षा कार्यालय में चस्पा किया गया है। बीईओ ने बताया कि वरिष्ठता सूची के संबंध में लिखित दावा आपत्ति आवेदन एक सप्ताह के भीतर खण्ड शिक्षा कार्यालय को उपस्थित होकर प्रस्तुत करने को कहा है।

विकासखंड कार्यालय के मुताबिक शिक्षा कर्मी वर्ग एक में आदिवासी विकास विभाग के 81, शिक्षा विभाग के 05, आरएमएस 19 शिक्षाकर्मी है। वर्ग दो में आदिवासी विभाग में 98 व आरएमएस 26 है। इसी तरह वर्ग में आदिवासी विकास विभाग के 194, शिक्षा विभाग का एक और आरएमएसए के 63 शिक्षाकर्मी शामिल है।

वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों की सूची तैयार की गई है, जिन शिक्षाकर्मियों को सेवा के आठ साल पूर्ण हो चुके हैं उन्हें अब शिक्षा विभाग में नियमित शिक्षक बनाया जाएगा। नियमितिकरण की मांग को लेकर काफी दिनों से शिक्षकर्मी आंदोलन कर रहे थे। शायद प्रदेश गठन के बाद यह पहली बार शिक्षाकर्मियों को नियमितिकरण किया जा रहा है। नियमितिकरण होने से स्कूलों में रेगुलर शिक्षकों की संख्या बढ़ जाएगी।

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5 Jul 2018, 2:30 PM IST
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