कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रॉफेल विमान खरीदी में केंद्र सरकार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया
कांकेर. कांकेर शहर के पुराना बस स्टैंड में गुरुवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रॉफेल विमान खरीदी में केंद्र सरकार पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने प्रर्दशन करते हुए कहा कि लोकसभा में केंद्र की सरकार जबाब नहीं दे रही है। एक निजी एवं अनुभवहीन कम्पनी से रॉफेल विभाग खरीदी कर केंद्र ने बड़ा घोटाला किया है। कांग्रेसियों ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई केंद्र व प्रदेश की सरकार उद्योगपतियों को खुलेआम बांट रही है।
बस स्टैण्ड में विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार से जनता का विश्वास पूरी तरह से उठ चुका है। मजदूरों, किसानों, गरीबों का वोट लेने वाली भाजपा सरकार बड़े बड़े घोटाला कर रही है। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि मोदी सरकार में रॉफेेल विमान खरीदी में घोटाला किया गया है। इस विमान खरीदी के लिए कांग्रेस सरकार ने जो समझौता किया था उससे तीन गुना से अधिक दाम देकर निजी एवं अनुभवहीन कम्पनी को लाभ पहुंचाया गया है। रॉफेल विमान को भारत में बनाए जाने का पहले समझौता किया गया था जिसे केंद्र सरकार ने विदेश में बनाने अनुमति दे दी।
धरना प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार सदन में इसका जबाब नहीं नहीं दे रही तो आम जनता अब सडक़ पर उतर चुकी है। रॉफेल विमान खरीदी की तस्वीर को केंद्र को साफ करनी होगी। राष्ट्रपति के नाम जांच के लिए भेजे ज्ञापन में कांग्रेस की ओर से मांग किया गया है कि इस घोटाले से पर्दा उठाया जाए। इस दौरान राजेश भाष्कर ने कहा कि प्रेदश में भी इसी तरह का घोटाला किया गया है। शिक्षकों के बायोमेट्रिक थम्स लगाने के नाम पर जिन टैबलेटों को खरीदा गया, उक्त बजट से किसानों को धान का बोनस और स्वास्थ्य एवं शिक्षा में सुधार हो सकता था।
इस दौरान शिशुपाल शोरी, नितिन पोटाई, बीरेश ठाकुर, रोमनाथ जैन, फूलो देवी, चमन साहू, आलोक श्रीवास्तव, नवाज भाई, मोहसीन खान, शादाब खान, मतीन खान, यासिन खान, मांडवी दीक्षित, राकेश गुप्ता, हेमंत धु्रुव, यासिन करिणी, रामकुमार शुक्ला आदि लोगों ने रॉफेल विमान खरीदी जांच की मांग राष्टपति से की और तहसीलदार टीपी साहू के हाथों राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।