
GST RAID: माइंस ठेकेदार के ठिकानों पर देर रात छापा, घर और दफ्तर एक साथ खंगाले, अहम दस्तावेज जब्त(photo-patrika)
GST RAID: छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर में जीएसटी विभाग ने माइंस ठेकेदार अरविंद साहू के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। दिल्ली और रायपुर से पहुंची अधिकारियों की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से उनके बाजारपार स्थित निवास और दल्लीरोड स्थित कार्यालय पर एक साथ दबिश दी।
इस दौरान वित्तीय लेन-देन, खातों और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की गई, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी खंगाले गए। कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया था, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। देर रात तक चली इस जांच ने संभावित वित्तीय अनियमितताओं और कर चोरी की आशंका को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है, जबकि विभाग की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
जानकारी के अनुसार जीएसटी की टीम शुक्रवार रात करीब 11 बजे दो गाड़ियों में भानुप्रतापपुर पहुंची। टीम ने बाजारपार स्थित निवास और दल्लीरोड स्थित कार्यालय में एक साथ कार्रवाई शुरू की, जो करीब दो घंटे तक चली। पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया। अधिकारियों ने ठेकेदार अरविंद साहू के दोनों ठिकानों पर एक साथ जांच की। इस दौरान वित्तीय लेन-देन, खातों और अन्य रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी खंगाले गए।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कार्यालय से प्रिंटर सहित कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण जब्त किए गए हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से जब्ती की पूरी सूची जारी नहीं की गई है।
इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पूरी छापेमारी बेहद गोपनीय तरीके से की गई। स्थानीय पुलिस को भी इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी, जिससे अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले भी जीएसटी विभाग द्वारा अरविंद साहू के रायपुर स्थित कार्यालय में छापा मारा गया था। लगातार हो रही कार्रवाई से मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कार्रवाई को लेकर जब माइंस ठेकेदार अरविंद साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका और उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। ऐसे में इस पूरे मामले पर उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे छापेमारी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच उनकी चुप्पी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे मामले की गंभीरता और संभावित अनियमितताओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच पूरी होने के बाद विभाग क्या खुलासा करता है और ठेकेदार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
Published on:
02 May 2026 01:37 pm
