
Deputy Collector Transfer (photo source- Patrika)
Deputy Collector Transfer: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत जिला प्रशासन में जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
जारी आदेश के अनुसार, डिप्टी कलेक्टर टीकाराम देवांगन, जो वर्तमान में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब जिला कार्यालय कांकेर में पदस्थ किया गया है। वहीं उनके स्थान पर मनीष देव साहू, जो डिप्टी कलेक्टर एवं नजूल अधिकारी कांकेर के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पखांजूर क्षेत्र संवेदनशील और रणनीतिक रूप से अहम है, जहां राजस्व और प्रशासनिक कार्यों का सुचारू संचालन बेहद जरूरी होता है।
इसी बीच छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने एक सख्त परिपत्र जारी करते हुए सरकारी कर्मचारियों के अवकाश को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। सुशासन तिहार और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा।
परिपत्र में साफ कहा गया है कि बिना पूर्व स्वीकृति के कार्यालय से अनुपस्थित रहना “स्वैच्छिक अनुपस्थिति” माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी और इसे “ब्रेक इन सर्विस” (सेवा में व्यवधान) के रूप में दर्ज किया जा सकता है। यह प्रावधान कर्मचारियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार ने आकस्मिक अवकाश के मामलों में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। यदि किसी कर्मचारी को अचानक अवकाश लेना पड़ता है, तो उसे यथासंभव दूरभाष या डिजिटल माध्यम से अपने वरिष्ठ अधिकारी को पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। साथ ही, कार्यालय में लौटने के तुरंत बाद इस सूचना की लिखित पुष्टि भी करनी होगी।
यदि कोई शासकीय सेवक अर्जित अवकाश या अन्य दीर्घकालिक अवकाश पर जाना चाहता है, तो उसे पहले अपने कार्यों का प्रभार विधिवत किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विभाग का काम प्रभावित न हो और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
राज्य शासन ने इस संबंध में सभी विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल छत्तीसगढ़ बिलासपुर, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इन दोनों फैसलों—अधिकारियों के तबादले और अवकाश पर सख्ती— से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक अनुशासित और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में सुशासन तिहार और जनगणना जैसे बड़े आयोजनों को सफल बनाने के लिए यह जरूरी भी माना जा रहा है कि पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय और जिम्मेदार बना रहे।
Updated on:
23 Apr 2026 02:43 pm
Published on:
23 Apr 2026 02:42 pm
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