एक दिन के लिए कलेक्टर का पद संभालते ही होनहार संदीप कुमार ने साइकिल से अस्पताल और शराब दुकान का निरीक्षण किया।
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला मुख्यालय से महज 40 किमी दूर ग्राम बासनवाही के कृषक परिवार के होनहार युवक संदीप कुमार द्विवेदी ने मंगलवार को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक रूप से जिले के कलक्टर का पदभार संभाला। पदभार मिलते ही अधिकारियों की बैठक समाप्त होते ही संदीप ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण शुरू कर दिया। एेसे में प्रशासन में हड़कंप मच गया। संदीप ने शहर में पड़ी गंदगी को तत्काल साफ-सफाई करने, अस्पताल व शराब दुकान पहुंच कर निरीक्षण कर उचित निर्देश कर्मियों को दिए।
जिले के बासनवाही का छात्र संदीप का खुद को प्रशासन के शीर्ष पद देखने का सपना पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ सरकार की एक विशेष पहल ने एक आम छात्र को बेदह खास बना दिया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल के 14 वर्ष पूरे होने और स्वामी विवेकानंद जयंती के पहले मंगलवार यूथ स्पार्क खेलेगा छत्तीसगढ़ जीतेगा, छत्तीसगढ़, प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ 27 प्रतिभागियों को एक दिन के लिए शैडो कलक्टर बनने का सुनहरा मौका दिया गया।
इसके तहत छात्र संदीप कुमार द्विवेदी प्रतियोगिता के आखिरी चरण में पहुंच कर शैडो कलक्टर बनने का मौका पाया। मंगलवार को निर्धारित विभागीय समय में साइकिल से कलक्टर कार्यालय में पहुंच कर कलक्टर टामन सिंह सोनवानी ने शैडो कलक्टर संदीप को प्रशासन के कामकाज की बारीकियां समझाई। जिले में शैडो कलक्टर के तौर पर कलक्टर के साथ आम जनता को होने वाली विभिन्न समस्याओं की समाधान प्रकिया में भी शामिल हुए।
संदीप ने बताया कि इस तरह प्रशासनिक कार्य का हिस्सा बन उन्हें वे गर्व महसूस कर रहे हैं। संदीप सिविल जज की तैयारी कर रहें है। वहीं, कलक्टर टामन सिंह सोनवानी ने बताया कि देश के इतिहास में शायद यह पहला मौका है, जब युवाओं को एक दिन के लिए शैडो कलक्टर के तौर पर काम करने का अवसर मिला है। कृषक स्व. नरेंद्र द्विवेदी और माता गायत्री द्विवेदी के पुत्र संदीप कुमार द्विवेदी पोस्ट ग्रेजुएट के बाद विधि की पढ़ाई भी कर रहे हैं। बाल्यकाल में ही पिता का साया सिर से उठ गया था। मां गायत्री को आदर्श मानने वाले संदीप किसानों के लिए मददगार हैं।
सिगरेट पीते छात्रों को दी समझाइश
कलक्टर कार्यालय में अधिकारियों के मिटिंग के बाद सीधे पुराना बस स्टैण्ड पहुंच कर कचरा से अटी पड़ी गदंगी को साफ करने के लिए सीएमओ नगर पालिका को निर्देश किया। इसके बाद नरहरदेव स्कूल मैदान पहुंचे जहां, कुछ छात्र सिगरेट पीते मिले, जिन्हें समझाइश दी। जिला अस्पताल पहुंच कर मरीजों से मुलाकात कर जानकारी ली। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय गए, वहां से शराब दुकान पहुंच कर सूची, बिल देने की जानकारी व सफाई पर विशेष फोकस किए।
तीन मिनट की वीडियो कराया तैयार
कलक्टर द्वारा समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई एवं योजनाओं का निरीक्षण, विभिन्न समस्याओं के निदान प्रक्रिया में संदीप शामिल हुए। लगभग दो से तीन घंटे की अवधि में शैडो कलक्टर के रूप में वे जिले के प्रशासनिक कार्यों, जनता की समस्याओं के निराकरण के उपायों एवं विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों के अनुभवों से रूबरू हुए। शेडो कलक्टर संदीप कुमार द्विवेदी अपने कलक्टर होने के दो से तीन घंटे के अनुभव को अपने महाविद्यालय, निवास पहुंच कर अधिकतम तीन मिनट का वीडियो बनाया।