सडक़ चौड़ीकरण के बाद यहां सिग्नल लगाया गया था, जो अब एक साल में ही यहां से गायब दिखाई दे रहा है।
चारामा. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से होकर गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 30 जो रायपुर व जगदलपुर को जोडऩे वाला प्रमुख मार्ग है। इसी राजमार्ग पर बस्तर के प्रवेश द्वार में बसे ब्लाक मुख्यालय व नगर चारामा है। इस नगर में मुख्य चौक एक है, कोरर चौक जिसे डेंजर जोन कहा जा सकता है, यहां से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर कांकेर, जगदलपुर, धमतरी, रायपुर के लिए भारी वाहनों सहित बसों व ट्रकों सहित कई अन्य वाहनों की आवाजाही चौबीसों घंटे लगी रहती है।
इसी तरह कोरर मार्ग से पुरी, भानुप्रतापपुर, अन्तागढ़ आदि नगर व ग्रामीण अंचल की ओर जाने के लिए हमेशा वाहनों की आवाजाही देखी जा सकती है। नगर के इस मुख्य चौक से लोग स्कूल, कालेज, अस्पताल, जनपद कार्यालय, नगर पंचायत कार्यालय, तहसील कार्यालय आदि जगहों पर जाने के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इस चौक पर सडक़ चौड़ीकरण के पहले व अब चौड़ीकरण के बाद भी अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी है ।
सडक़ चौड़ीकरण के बाद यहां सिग्नल लगाया गया था, जो अब एक साल में ही यहां से गायब दिखाई दे रहा है। इस मार्ग पर डिवाइडर होने व तीनों ओर वाहनों की आवाजाही हमेशा होने के कारण इस चौक पर हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर स्कूली बच्चों को सडक़ पार करने में काफी दिक्कतों का सामना करते हुए देखा जा सकता है, वहीं साप्ताहिक बाजार वाले दिन भी यहां पर काफी भीड़ देखा जा सकता है। जिससे आए दिन दुर्घटना होने की खबर मिलती रहती है। इसी तरह नगर के दीनदयाल चौक, बस स्टैण्ड के पास, पट्रोल पम्प के पास, नाकापारा चौक के पास व आंवरी चौक पर काफी भीड़ होने के कारण सिग्नल होना बहुत जरूरी है।
रात के समय में अंधेरा होने के कारण और काफी जोखिम भरा मार्ग होने की बात लोग कह रहें हैं। इस राजमार्ग की बात करें, तो आगे भी कई जगहों पर लगाए गए सिग्नल बंद पड़े हैं। जिसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी इस ओर ध्यान देना जरुरी नहीं समझ रहे हैं। बहरहाल अंचलवासी नगर के इस कोरर चौक पर सिग्नल की मांग कर रहे हैं, साथ ही ट्रैफिक पुलिस की भी आवश्यकता होने की बात कह रहें हैं। एनएच पार करने में स्कूली बच्चों को यहां सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।