कांकेर

लाला आतंक: यहां फिर एक ग्रामीण को नक्सलियों ने भेड़-बकरी की तरह काटा, लोगों में दहशत

माओवादियों की बौखलाहट इन दिनों बढ़ गई है। बेगुनाह आम जनता को मुखबिरी का आरोप लगाकर मौत के घाट उतार रहे हैं।

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Oct 03, 2017
Naxal

कांकेर. नक्सलियों की बौखलाहट इन दिनों बढ़ गई है। बेगुनाह आम जनता को मुखबिरी का आरोप लगाकर मौत के घाट उतार रहे हैं। सप्ताह भर पहले ग्राम सुरेली में कोटवार का गला दबा कर नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। फिर एक और ग्रामीण की बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। घटना शनिवार की देर रात अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम मानकोट की है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटना स्थल पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

इंसान को काटते हैं भेड़-बकरी की तरह
नक्सली अपनी दहशत बरकरार रखने के लिए ग्रामीण अंचल के भोले-भाले आदिवासी पर दबाव बनाने में लगे है। सूत्रों की मुताबिक शनिवार को आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम मानकोट में करीब ३० की संख्या में नक्सली गांव पहुंचे और ग्रामीणों की बैठक लेकर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर तुलसी राम सोरी (22) पिता रेनू की हत्या कर दी। इसकी सूचना मिलने पर सोमवार को पुलिस की टीम गांव में घटना स्थल पहुंची, जहां शव नहीं था। गांव में जाकर पूछताछ करने पर पता-चला कि परिजनों ने शव का जला दिया है।

अब पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। बताया जा रहा कि मृतक युवक नक्सली संगठन में पहले काम कर रहा था। कुछ वर्ष पहले ही उनका साथ छोड़कर मुख्य धारा से जुडऩे का प्रयास कर रहा था। यह बता दें कि 23 सितंबर को भी आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सुरेली में करीब 30 की संख्या में नक्सली पहुंचे थे। ग्राम कोटवार सुक्कू नरेटी की हत्या कर दी थी। इसी तरह पंखाजूर थाना क्षेत्र के बारदा निवासी कालू दुग्गा (32) की ११ सितंबर शाम को सामान खरीदने गांव के बाजार गया था, जहां भीड़ का फायदा उठाते हुए नक्सलियों ने उसका गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया था। नक्सलियों ने मृतक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या करने की बात कही थी। इसी तरह आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के बेलोदी गांव सगऊ राम सोरी की नक्सलियों ने 7 अप्रैल को हत्या कर दी थी। 17 अपै्रल को छिंदभाट के जंगल गंगाराम की और 20 अप्रैल को छिंदपाल में एक और ग्रामीण की नक्सलियों ने जनअदालत में मुखबिरी का आरोप लगाते हुए हत्या कर दी थी। 26 अप्रैल को दुर्गापुर निवासी सेवाराम हिचामी की लाठी से पीट कर नक्सलियों ने मार डाला था।

जवानों को नुकसान पहुंचाने माओवादियों ने लगाया था बम
सुरक्षा बल के जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए माओवादियों ने रविवार की रात आईडी आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम चर्रेमर्रे मेन रोड में लगाया था, इसकी सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर बम को बीडीएस की टीम ने डिफ्युज किया। इस घटना के बाद क्षेत्र में सर्चिंग बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार गश्त पर निकली जिला पुलिस बल को सूचना मिली कि ग्राम चर्रेमर्रे के पास माओवादियों ने बम लगाया है। सूचना मिलते ही टीम घटना स्थल पहुंच कर टिफिन बम को डिफ्यूज किया। बम दो किलो का बताया गया है। माओवादी जवानों को नुकसान पहुंचाने के नियत इस बम को लगाया था। गश्त पर जिला पुलिस टीम व बीएसएफ की संयुक्तटीम थी। इस संबंंंध में एसडीओपी पुपलेश कुमार ने बताया कि बम मिलने की सूचना मिली थी, जिसे बीडीएफ द्वारा डिफ्यूज कराया गया है, आगे की कार्रवाई जारी है।

माओवादियों की दहशत में परिजनों ने जलाया शव
वैसे युवक की हत्या शनिवार को होना बताया जा रहा है। यह हत्या माओवादियों ने की थी। रात में घटना को अंजाम देने के बाद जंगल की ओर माओवादी चले गए थे। दूसरे दिन रविवार को ग्रामीणों ने युवक शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस तीसरे दिन गांव पहुंच कर इसकी जांच में लगी रही, यहां माओवादियों से डर बढ़ रही है।

घटना की जानकारी मिली थी, पुलिस बल की टीम घटना स्थल गई थी, लेकिन युवक का शव नहीं मिला। गांव जाकर ग्रामीणों से पूछताछ कर रहे हैं, आगे की कार्रवाई जारी है।
केएल धु्रव, पुलिस अधीक्षक कांकेर

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Published on:
03 Oct 2017 08:38 pm
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