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राजस्थान में पकड़ा गया बड़ा डकैत गिरोह, कई जिलों में की थी वारदातें

लूट, चोरी, नकबजनी तथा डकैती के प्रदेश स्तरीय गिरोह का जिला पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

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टोंक

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Santosh Trivedi

Oct 03, 2017

crime

police

टोंक। लूट, चोरी, नकबजनी तथा डकैती के प्रदेश स्तरीय गिरोह का जिला पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लूट, चोरी, नकबजनी व डकैती की वारदात को अंजाम दिया है। अजमेर रेंज की पुलिस महानिरीक्षक मालिनी अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित जरेली थाना मालपुरा जिला टोंक निवासी रामस्वरूप उर्फ लूंगा पुत्र हरिसिंह मोग्या, राधेश्याम उर्फ बूच्या पुत्र हरिसिंह मोग्या तथा जनकपुरा थाना मालपुरा जिला टोंक निवासी मुकेश उर्फ कटोरा पुत्र बद्री मोग्या है।

उन्होंने बताया कि टोंक जिले में लगातार हो रही वारदातों के चलते पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के निर्देशन मालपुरा पुलिस उपाधीक्षक हरिप्रसाद सोमाणी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। इसमें मालपुरा थाना प्रभारी रामअवतार सिंह ताखर, डिग्गी थाना प्रभारी नियाज मोहम्मद, हैड कांस्टेबल शंकरलाल, कांस्टेबल अब्दुल वहाब, मारूफ, इकबाल, राजेन्द्र, राकेश, कैदार, बनवारी, मुकेश, प्रेमराज, सुरेन्द्र, गणेश को शामिल किया गया।

तीनों आरोपित सोमवार को टोरडी गांव के पास जंगल स्थित नाले में छिपे थे। संदेह के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपितों ने मालपुरा थाना क्षेत्र के टोरडी गांव में हलवाई की दुकान का ताला तोडक़र चोरी करना, टोंक के अलावा पाली, नागौर, अलवर, जयपुर , सीकर व अजमेर जिले में कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया।

ये हुआ खुलासा
आरोपितों ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। इसमें अलवर जिले के रैणी में महिला की हत्या कर उसके पैरों से चांदी के कड़े ले जाना। सोजत सिटी के रामपुरा चंडावल गांव में गत मार्च में खेत पर सो रहे दम्पती की हत्या व लूट करना। डीडवाना के पाटन गांव में खेत पर काम बुजुर्ग महिला की हत्या कर जेवरात ले जाना, जोबनेर के बोबास के जंगलों में दिसम्बर 2016 में पशु चरा रही महिला की हत्या कर जेवरात लूट करना स्वीकार किया है। इसके अलावा टोंक, अजमेर, नागौर, सीकर व जयपुर जिले के पेट्रोल पम्प, मकान व दुकानों में नकबजनी व लूट की तीन दर्जन वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। वारदात करते समय आरोपित अपने मोबाइल फोन को बंद रखते थे। इससे मोबाइल लोकेशन का किसी को पता नहीं चल सके। पहले वे रैकी करते और बाद में वारदात को अंजाम देते थे।

पहले हो चुके चालान पेश
आरोपितों के खिलाफ कई थाना पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किए हैं। इसमें रामस्वरूप के खिलाफ नकबजनी, लूट, हत्या व आर्म्स एक्ट के 20 प्रकरण, मुकेश के खिलाफ नकबजनी, लूट, हत्या व आम्र्स एक्ट के 12 तथा राधेश्याम के खिलाफ नकबजनी व मारपीट के दो मामलों में चालान पेश किया जा चुका है।