लोकसभा चुनाव 2024 में अखिलेश यादव ने यूपी की राजनीति में उथल-पुथल मचा दी है। बीजेपी को पूर्ण बहुमत से आने में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरे हैं। आज कन्नौज में अपने जीत का प्रमाण पत्र लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के चुनाव में बड़ा उलट फेर करने वाले अखिलेश यादव आज कन्नौज में जीत का सर्टिफिकेट लेंगे। जहां से उनके दिल्ली जाने का प्रोग्राम है। इसके पहले उन्होंने एक्स पर लिखा कि उनकी जीत दलित और बहुजन भरोसे की जीत है। सकारात्मक राजनीति की जीत है। अखिलेश यादव ने बीजेपी के सुब्रत पाठक को 170000 से अधिक वोटों से हराया है। 2019 में यहीं से सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को हराया था।
कन्नौज की जनता की मांग पर अखिलेश यादव ने अंतिम समय में चुनाव लड़ने का निश्चय किया था। जो उनके और पार्टी के लिए काफी अच्छा रहा। जब यूपी की 80 सीटों में से 37 पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की है। यहां तक की अयोध्या की सीट पर भी समाजवादी पार्टी का कब्जा हो गया है।
क्या लिखते हैं एक्स पर?
अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि यह इंडिया गठबंधन की जनप्रिय जीत है। दलित-बहुजन ने उन पर भरोसा किया है। पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी, आधी आबादी अगड़े में पिछड़े, सभी अपेक्षित, शोषण, उत्पीड़न समाज के साथ मिलकर संविधान को बचाने के लिए संघर्ष किया है। जो समता, समानता, स्वाभिमान और आरक्षण का अधिकार देता है। यह गठबंधन दलित, अल्पसंख्यक, आदिवासी आधी आबादी अगड़े में पिछड़े के मजबूत गठबंधन की जीत है।
आईएनडीए और पीडीए की रणनीति की जीत
अखिलेश यादव ने इस मौके पर नारी के मान, महिला सुरक्षा, युवक युवतियों के सुनहरे भविष्य, किसान, मजदूर, कारोबारी, व्यापारियों की नई उम्मीद की भी चर्चा की। इस जीत को उन्होंने आईएनडीए और पीडीए की रणनीति की जीत बताया।