Corruption in construction of cremation site, Yogi government minister angry कन्नौज में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण हो रहा है। उद्घाटन के पहले ही नवनिर्मित दीवाल गिर गई। जिसकी शिकायत पर मौके पर पहुंचे मंत्री असीम अरुण ने कहा कि योजना बनाने वाले और ठेकेदार दोनों दोषी हैं। डीएम को पत्र लिखकर जांच की मांग की।
Corruption in construction of cremation site, Yogi government minister angry उत्तर प्रदेश के कन्नौज में मेहंदी घाट पर अंत्येष्टि स्थल का निर्माण हो रहा है। जहां पर नवनिर्मित दीवाल बनने के कुछ दिन बाद ही गिर गई। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने योगी सरकार में समाज कल्याण विभाग मंत्री असीम अरुण से शिकायत की। मौके पर पहुंचे असीम अरुण को शिकायत सही मिली। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेज कर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही 10 दिनों के अंदर कार्रवाई से संबंध में जानकारी मांगी है। अपने पत्र में असीम अरुण ने मौके की फोटो को भी संलग्न किए हैं। मामला मेहंदीघाट स्थित अंत्येष्टि स्थल का है।
Corruption in construction of cremation site, Yogi government minister angry मंत्री असीम अरुण ने कहा कि जनता से मिली शिकायतों के निरीक्षण के दौरान सही पाया गया। इसके लिए उन्होंने जनता को धन्यवाद दिया और बोले अब तक सात-आठ निलंबन या गिरफ्तारी की कार्रवाई हो चुकी है। अंत्येष्टि और विश्राम स्थल के मामले में भी यही कार्रवाई होगी। जब तक भ्रष्टाचार को समाप्त नहीं कर देते। तब तक हमारा विकास कार्य बाधित रहेगा।
योजना बनाने वाले पर उठाया सवाल
Corruption in construction of cremation site, Yogi government minister angry योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि योजना ही गलत बनाई गई है। पानी के बहाव के कारण निर्माणाधीन कार्य टूटा है। पानी के बहाव के हिसाब से प्लानिंग होनी चाहिए। गुणवत्ता भी प्रथम दृष्टया खराब दिख रही है। इसका लेब परीक्षण भी किया जाएगा। ठेकेदार और इंजीनियर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
Corruption in construction of cremation site, Yogi government minister angry मेहंदी घाट पर अंत्येष्टि स्थल और विश्रामालय का निर्माण कार्य हो रहा है। निर्माण कार्य में लोगों को कई खामियां नजर आई। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय विधायक और योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण से शिकायत की। जिसकी जांच के लिए पहुंचे असीम अरुण को मौके पर नवनिर्मित दीवाल गिरी मिली। निर्माण कार्य में भी कई कमियां मिली। जिसमें विभागीय इंजीनियर और ठेकेदार को दोषी बताया। डीएम को पत्र भेज कर उन्होंने जांच और कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने इसे जनता की धान का दुरुपयोग बताया है।