Kannauj Court Judgement: कन्नौज की कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में जेल में बंद पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह और उसके छोटे भाई नीलू यादव को जेल की सजा सुनाई है।
Kannauj Court Judgement: कन्नौज कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में जेल में बंद पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह और उसके छोटे भाई नीलू यादव को 8-8 साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा कोर्ट ने एक महिला को भी जेल की सजा सुनाई है। गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रहे चर्चित मामले में कोर्ट ने पेश दस्तावेजों और गवाहों के बयानों से कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बड़ा दावा किया है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि सजा पाने वाले सभी आरोपी संगठित गिरोह बनाकर बलात्कार, जानलेवा हमला और हिंसक वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के कारनामों से क्षेत्र में भय और आतंक का माहौल बना हुआ था।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में दाखिल गैंगचार्ट और डोजियर में आरोपियों के खिलाफ कई संगीन मुकदमों का जिक्र किया गया है। दस्तावेजों के मुताबिक, नवाब सिंह यादव और उसके और उनका साथ देने वाली एक महिला के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मारपीट, जानलेवा हमला और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान रेप पीड़िता की बुआ से पुलिस की तीखी बहस भी हुई थी। इस संवेदनशील और हाई प्रोफाइल मामले को देखते हुए पूरे कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील किया गया था। बताया जा रहा है कि कौशांबी की जेल से लाने के बाद पीड़िता की बुआ ने अपने समर्थकों से बातचीत की कोशिश की थी। ऐसा करने से पुलिसकर्मियों ने पीड़िता की बुआ को रोक दिया था, जिसके बाद पुलिस से उसकी बहस हुई थी। दरअसल, नवाब सिंह बांदा की जेल में बंद है।
दरअसल, अगस्त 2024 में नौकरी के लिए 15 साल की नाबालिक अपने बुआ के साथ नवाब सिंह के कॉलेज में पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान नाबालिक की बुआ कहीं चली गई और नवाब सिंह ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता ने ही पुलिस को फोन करके सूचना दी और जब पुलिस पहुंची तो नवाब सिंह बिस्तर पर पड़ा था और पीड़िता अर्धनग्न अवस्था में थी। इसके बाद पुलिस ने नवाब सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, नाबालिक द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद नवाब सिंह को जेल भेज दिया गया।