
अखिलेश यादव (फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब)
Akhilesh Yadav Asked Questions on E20 fuel: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि एथनॉल नीति से आम लोगों को नुकसान हो रहा है, जबकि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। सपा प्रमुख ने सरकार से एथनॉल के बुरे असर पर जवाब मांगा और दावा किया कि इससे वाहन मालिकों की परेशानियां बढ़ रही हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने की नीति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार को इस नीति से आम लोगों को होने वाले प्रभाव के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एथनॉल मिश्रण की मौजूदा व्यवस्था का लाभ कुछ चुनिंदा लोगों और कंपनियों को मिल रहा है। जबकि इसका बोझ आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एथनॉल के पक्ष में प्रदूषण कम होने और कच्चे तेल के आयात में कमी आने जैसे तर्क देती है, लेकिन इससे वाहनों के प्रदर्शन पर पड़ने वाले असर पर कोई चर्चा नहीं करती।
उन्होंने दावा किया कि एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल से कई वाहन मालिक माइलेज कम होने की शिकायत कर रहे हैं। इसके साथ ही गाड़ियों में स्टार्ट होने की दिक्कत, रखरखाव का बढ़ता खर्च, बार-बार मरम्मत की जरूरत और पुरानी गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं भी सामने आने की बात कही। उनका कहना है कि इससे वाहनों की रीसेल वैल्यू और उनकी कुल उम्र पर भी असर पड़ सकता है।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि पुरानी गाड़ियां एथनॉल मिश्रित ईंधन को ध्यान में रखकर तैयार नहीं की गई थीं। ऐसे में वाहन मालिकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने बीमा कंपनियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि वाहन खराब होने की स्थिति में दावा निपटान को लेकर भी विवाद की आशंका बढ़ सकती है। अखिलेश यादव ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज के समय में लोग बड़ी मुश्किल से बाइक या कार खरीद पाते हैं। ऐसे में यदि ईंधन की वजह से वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ता है। तो इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि खाद्यान्न से बड़े पैमाने पर ईंधन तैयार किया जाएगा। तो खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ सकता है। साथ ही एथनॉल उत्पादन में अधिक पानी की जरूरत होने का हवाला देते हुए पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी जताईं। अंत में उन्होंने सरकार से सवाल किया कि वह इस नीति से आम जनता को होने वाले नुकसान पर अपना पक्ष स्पष्ट करे।
Updated on:
13 Jul 2026 07:32 pm
Published on:
13 Jul 2026 07:32 pm
