कभी कभी किस्मत ऐसा खेल करती है कि आदमी को समझ में नहीं आता यह क्या हुआ। अचानक किसी गरीब व्यक्ति के खाते में एक नहीं अरबों रुपए आ जाएतो क्या होगा। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। पर वहीं पैसा एक दिन बाद खाते से छूमंतर हो जाए तब क्या होगा। फिर तो तय है कि वह गश खाकर गिर जाएगा।
कभी कभी किस्मत ऐसा खेल करती है कि आदमी को समझ में नहीं आता यह क्या हुआ। अचानक किसी गरीब व्यक्ति के खाते में एक नहीं अरबों रुपए आ जाएतो क्या होगा। उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। पर वहीं पैसा एक दिन बाद खाते से छूमंतर हो जाए तब क्या होगा। फिर तो तय है कि वह गश खाकर गिर जाएगा। तो कन्नौज में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला। एक भट्ठा मजदूर बाजार गया और अपना बैंक खाता दुरूस्त कराने लगा। जैसे उसका बैंक स्टेटमेंट आया तो उसने सोचा चलो देख ले क्या हाल है। उसे जैसे ही स्टेटमेंट पर नजर डज्ञली तो देखा कि उसके बैंक खाते में एक नहीं अरबों रुपए आ गए है। वह तो खुशी से पागल हो गया। और घूम घूम कर पूरे गांव वालों को बताने लगा। पर बैंक वालों ने बताया कि नहीं कोई गलती हुई है। बड़े आफिस जाकर ठीक करा लें। पर वो इसका प्रचार करने लगा। अगले जब वह अपने बैंक खाते को देखने गया तो देखा कि उसके खाते में अब अरबों ने सिर्फ 126 रुपए ही पड़े हैं। वह मायूस हो गया औश्र दुनिया मंद मंद मुस्कुराने गली।
गांव में अरबपति होने का हल्ला करने लगा
मामला कन्नौज जिले के छिबरामऊ तहसील के ग्राम कमालपुर निवासी बिहारीलाल पुत्र धनीराम राजस्थान में ईंट भट्टे पर काम करता है। सोमवार सुबह वह गांव में एक मिनी ब्रांच से पैसे निकालने गया था। संचालक ने जैसे ही उसका एकाउंट चेक किया तो वह चौंक पड़ा। खाते में 270 अरब 78 करोड़ 58 लाख 13 हज़ार 894 रुपए दिख रहे थे। इस पर उसने बैंक ऑफ इंडिया के स्थानीय ब्रांच में जाकर खाता सही करवाने को कहा। लेकिन वह बैंक न जाकर गांव में अरबपति होने का हल्ला करने लगा। फिर शाम को उसने एकाउंट चेक कराया तो खाते में 126 रुपए पड़े दिखे।
उस खाते में 126 रुपए ही पड़े हैं
मिनी बैंक संचालक विमलेश का कहना है कि 31 जुलाई को शाम 5.42 बजे स्टेटमेंट में 2707858138942324 रुपए और अगले दिन पहली अगस्त को सुबह 11ण्35 बजे 31074945625,2384 रुपए दिख रहे थे। बैंक ऑफ इंडिया के एलडीएम अभिषेक सिंह ने बतायाए बैंक खाते में अरबों रुपये पहुंचने और निकलने की बात गलत है। उस खाते में 126 रुपए ही पड़े हैं।