
कांवड़ यात्रा निकालने के लिए बिना सूचना के पुलिस-प्रशासन ने रविवार आधी रात को रामादेवी फ्लाईओवर पर लखनऊ जाने वाली लेन बंद कर दी। इसका सोमवार को भारी असर पड़ा। सुबह से भीषण जाम से हाईवे कराह उठा। चौतरफा वाहनों की रफ्तार थम गई और जो जहां था वहीं ठिठक गया। रामादेवी से सचेंडी तक 25 किलोमीटर लंबे महाजाम ने पसीना छुड़ा दिया। भारी वाहनों के साथ कार और बाइक वाले भी इस आफत से न बच सके और घंटों धूप में बेहाल रहे। ट्रैफिक से जुड़े अधिकारी न तो जाम को संभाल पाए और न ही फंसे लोगों को राहत पहुंचा सके। देर शाम तक जाम खुल नहीं सका। शासन के आदेश पर सावन के तीसरे सोमवार और कांवड़ यात्रा निकालने के लिए यातायात पुलिस ने रामादेवी फ्लाईओवर पर बेरीकेडिंग लगा दी। बड़े वाहनों को रूमा की तरफ से निकालना शुरू किया और लखनऊ से आ रहे हल्के वाहनों को जाने दिया गया। वाहनों को पुलिस रोक-रोककर प्रयागराज की तरफ भेज रही थी। देखते ही देखते स्थिति विकराल हो गई और भीषण जाम लग गया। दूर-दूर तक सिर्फ वाहनों की कतारें नजर आने लगीं। यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
ऐसे गंभीर होती गई स्थिति
रामादेवी फ्लाईओवर पर ट्रैफिक रोकने के बाद सुबह लखनऊ और प्रयागराज की तरफ जाने वाले रास्ते पर जाम लगने लगा। एक के बाद एक वाहनों ने तीनों लेन कवर कर लीं। इससे बचने के लिए दोपहर को प्रयागराज जाने वाला ट्रैफिक दिल्ली जाने वाली लेन पर उतर गया। धीरे-धीरे उस रूट पर भी कतारें लगने लगीं। दोपहर एक बजते-बजते पूरा फ्लाईओवर पैक हो गया। इसके बाद वाहन हाईवे से नीचे जाने वाले सर्विस लेन की तरफ उतर आए। इससे नीचे हाईवे और सर्विस लेन भी जाम में जकड़ गईं। दोपहर दो बजे तक हालात यह हो गए थे कि कोई भी वाहन अपनी जगह से हिल नहीं पा रहा था। जाम में फंसे लोग चिल्ला रहे थे मगर पुलिस कोई भी राहत देने आगे नहीं आई। यातायात पुलिस की अग्रिम योजना न बनाने का खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ा।
कांवडियों को सुरक्षित निकालने के लिए ट्रैफिर डायवर्ट
कार्यवाहक डीसीपी ट्रैफिक बसंत लाल के अनुसार रात में निर्देश मिले थे इसलिए कांवड़ियों को सुरक्षित निकालने के लिए रामादेवी फ्लाईओवर पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया था। बड़े वाहनों को जाने की अनुमति नहीं थी तो उन्होंने हाईवे किनारे ट्रक खड़े कर दिए थे। इस कारण असुविधा हुई है। पुलिस टीम लगातार उन्नाव से भी संपर्क में हैं। जल्द ही जाम खुलवाया जाएगा।