कानपुर में झोलाछाप डॉक्टर ने जिस नाबालिग लड़की को काम पर रखा। उसके साथ ही नशीली दवा खिला दुष्कर्म किया। पुलिस में पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी डॉक्टर की पुलिस की गिरफ्त में है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में झोलाछाप डॉक्टर ने नाबालिग लड़की को अपने क्लीनिक में काम करने के लिए रखा। उसी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे दिया। आरोप है कि झोलाछाप डॉक्टर नशे की दवा देकर घटना को अंजाम देता था। उसने धमकी दी कि किसी को बताया तो किसी को नहीं छोड़ेंगे। इसकी जानकारी घरवालों को उस समय हुई जब झोलाछाप डॉक्टर बिरयानी में जहर मिलाकर नाबालिग पीड़िता को खिलाने के लिए लाया। एसीपी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। मेडिकल कराया जा रहा है।
घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर के कर्नलगंज थाना क्षेत्र की है। थाना क्षेत्र में फहीम अंसारी डॉक्टर बन कर एक क्लीनिक चल रहा था। जिसमें दवा बांटने के लिए उसने नाबालिग लड़की को नौकरी पर रखा था। पीड़िता ने बताया कि नशे की गोली देकर डॉक्टर वसीम उसके साथ दुष्कर्म करता था। धमकी दिया किसी को बताया तो तुमको और घरवालों को मार देंगे।
बीते मंगलवार को डॉक्टर वसीम बिरयानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर लाया और पीड़िता से कहा खा लो। लेकिन पीड़िता ने नहीं खाया। बताया जाता है कि उसमें जहर मिला था। पीड़िता को मारने के उद्देश्य से बिरयानी खिला रहा था
नाबालिग पीड़िता के माता-पिता नहीं है और वह अपने मामा मामी के पास ही रहती है। फिरता ने अपनी मम्मी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इस पर मामी ने पीड़िता का प्रेगनेंसी टेस्ट किया। जिसमें वह गर्भवती निकली। उन्होंने घटना की जानकारी अपने पति को दी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अपने रिश्तेदारों के साथ हुआ डॉक्टर वसीम के घर पहुंच गए। वसीम के घर वालों ने पीड़िता के परिवार वालों के साथ मारपीट और धमकी दी। पैसा लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव भी बनाया। लेकिन मामा अपने रिश्तेदारों की मदद से डॉक्टर वसीम को पकड़कर बजरिया थाना ले गए।
मामला कर्नलगंज का है। इसलिए बजरिया थाना पुलिस ने सभी को कर्नलगंज थाना भेज दिया। पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर वसीम अंसारी को गिरफ्तार कर मेडिकल कर रही है। एसीपी कर्नलगंज ने बताया कि पीड़िति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण के साथ मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया जाएगा। पूरे मामले की जांच की जा रही है।