हेल्थ केयर और ड्रोन सेक्टर के बाद अब अडानी ग्रुप हथियारों की बड़ी फैक्ट्री लगाने की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में अडानी समूह साउथ एशिया की सबसे बड़ी हथियारों की फैक्ट्री लगाने जा रही है।
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत बढ़ रहा है। इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अदानी ग्रुप अगले महीने कानपुर में एक नया गोला- बारूद बनाने का प्लांट लगाने जा रही है। यह ग्रुप दक्षिण एशिया में सबसे बड़ी सुविधा देने वाला जाना जाता है। भारतीय नौसेना को घरेलू स्तर पर उत्पादित ड्रोन की हालिया डिलीवरी के बाद रक्षा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।
1500 करोड़ का निवेश करेगा अदानी ग्रुप
अदानी ग्रुप में शुरुआत में 1500 करोड़ का निवेश करेगा। गोला- बारूद का प्लांट मुख्य रूप से 7.62 और 5.56 मिमी गोलियों के उत्पादन पर केंद्रित करेगा। इन गोला-बारूद का विश्व स्तर पर असॉल्ट राइफलों और कार्बाइनों में उपयोग किया जाता है, जो एक बड़े बाजार को पूरा करने के लिए प्लांट की क्षमता पर निर्भर करता है। भारत सरकार के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता के बाद ये पहला प्लांट लगने जा रहा है।
भारतीय रक्षा क्षेत्र मे ंबढ़ेगा प्रभाव
भारतीय वायु सेना द्वारा अपने Su-30 MKI लड़ाकू विमान बेड़े की सेवा अवधि को 20 वर्षों से अधिक बढ़ाने की योजना की खबर आती है। उम्मीद है कि यह बेड़ा कम से कम अगले 15- 20 वर्षों तक देश का मुख्य आधार बना रहेगा। आगामी गोला-बारूद प्लांट और विमान बेड़े का विस्तारित जीवनकाल भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण विकास का प्रतीक है।