कानपुर

Kanpur News:जेल में बिगड़ी चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे की तबीयत, आईसीयू में भर्ती

Akhilesh Dubey health update:कानपुर जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उर्सला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। सांस लेने में दिक्कत, लो बीपी और हृदय समस्या के चलते डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।

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Apr 07, 2026

कानपुर। शहर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे की सोमवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। फर्जी दुष्कर्म के मामले में फंसाकर रंगदारी मांगने के आरोप में बीते करीब आठ महीने से जेल में बंद दुबे को आनन-फानन में उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उन्हें आईसीयू में रखकर लगातार निगरानी कर रही है।

जेल प्रशासन के अनुसार, देर रात अखिलेश दुबे ने सांस लेने में दिक्कत और घबराहट की शिकायत की। प्रारंभिक जांच में लो ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्या सामने आई। स्थिति बिगड़ती देख जेल प्रशासन ने तत्काल एंबुलेंस से उन्हें उर्सला अस्पताल भेजा। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, उनकी हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में इलाज शुरू किया गया है।

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अखिलेश दुबे का नाम शहर में कई चर्चित मामलों को लेकर सुर्खियों में रहा है। उन्हें 7 अगस्त को बर्रा थाना पुलिस ने भाजपा नेता रवि सतीजा से रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज हुए। आरोप है कि उन्होंने होटल कारोबारी सुरेश पाल से करीब ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इसके अलावा अवैध कब्जे की शिकायत करने पर शैलेंद्र कुमार के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने और 20 लाख रुपये की मांग करने का भी मामला सामने आया।

इतना ही नहीं, जूही क्षेत्र में एक होटल संचालिका से रंगदारी और डकैती, ग्वालटोली क्षेत्र में वक्फ की जमीन पर कब्जा और कोतवाली क्षेत्र में एक कांग्रेस नेता से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने जैसे आरोपों में भी उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों ने उन्हें कानपुर के चर्चित आरोपियों में शामिल कर दिया। कानूनी स्थिति की बात करें तो अखिलेश दुबे को चार मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन प्रमुख मामलों में उन्हें राहत नहीं मिली है। विशेष रूप से सुरेश पाल रंगदारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए उन्हें प्रभावशाली व्यक्ति बताया था, जिससे गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई थी। वहीं वक्फ संपत्ति कब्जाने के मामले में भी उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है।

जेल अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया कि सोमवार देर रात तबीयत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल डॉक्टरों की सलाह के अनुसार इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Published on:
07 Apr 2026 09:29 am
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