कानपुर

राज्यपाल रामनाईक ने दिया बड़ा बयान, अमर सिंह से मिल कर सुनूंगा शिकायत

सीएसए स्थित दो दिवसीय कार्यशाला के पहले दिन पहुंचे राज्यपाल, अमर-आजम के विवाद पर दी जानकारी

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Aug 29, 2018
राज्यपाल रामनाईक ने दिया बड़ा बयान, अमर सिंह से मिल कर सुनूंगा शिकायत

कानपुर। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक बुधवार को चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे। वो यहां कुलपतियों के सम्मेलन में भाग लेने के बाद पंडित आजाद की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अमर सिंह ने पत्र लिखकर हमसे सयम मांगा था। वो आजम खां के बयान को लेकर हमसे मिलना चाहते हैं। लखनऊ में आज छह बजे अमर सिंह से हम मुलाकात करेंगे और जो उचित होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा राज्यपाल ने कहा कि अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद ने जिस तरह देश के लिए अपने प्राणों को त्यागकर महामानव की छवि प्रस्तुत की। ठीक उसी तरह देश के विकास में अहम योगदान देने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को हमें महामानव मानना होगा।
6 बजे होगी मुलाकात
राज्यपाल रामनाईक सीएसए स्थित पंडित चंद्रशेखर आजाद की बड़ी प्रतिमा का अनावरण के लिए कानपुर पहुंचे। इस मौके पर राज्यपाल ने अंमर सिंह और आजम खां के प्रकरण पर कहा कि राजनीति में हर राजेनता को मार्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए। अमर सिंह ने हमसे मिलने का समय मांगा था। बुधवार की शाम छह बजे अमर सिंह से बातचीत की जाएगी और पूरे मामले को देखेंगे। इसी के बाद जो उचित लगेगा वो कार्यवायी की जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि आज के समय में राजनीति की भाषा का स्तर गिरा है और इस पर सभी को मिल बैठ कर चिंतन करना होगा।

क्यों मिलने का समय मांगा ?
राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने सपा नेता आजम खा पर आरोप लगाया है की उन्हें और उनकी बेटियों को आजम खान से जान का खतरा है। अमर सिंह ने देश के गृहंमत्री और यूपी के राज्यपाल रामनाईक को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराए जाने का समय मांगा था। अमर सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखकर बताया है कि आजम ने मेरे परिवार को और मुझको जान से मारने की धमकी दी है। आजम खां ने बेटियों पर तेजाब फेंकने की धमकी दी थी। इसके बाद से मेरी बेटियां घर से बाहर निकलने में डरती हैं। अमर सिंह के आरोपों के बाद राज्यपाल उनसे मिलेंगे और पूरे प्रकरण पर चर्चा करेंगे।

डिग्रियों की ली जाएगी जानकारी
राज्यपाल ने अटल जी की डिग्री के प्रश्न पर कहा यह बात आज मालुम हुई है। उस पर विश्वविद्यालय प्रशासन से जानकारी ली जाएगी। अटल जी की डिग्री हो या ना हो उनके वक्तित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। सबको उनकी डिग्री की चिंता हो रही है तो इसकी हकीकत की जानकारी जरूर करेंगे। जल्द ही अटल जी की डिग्रिया जहां होंगी उन्हें पब्लिक के बीच लाने की कोशिश की जाएगी। राज्यपाल ने देश के नेताओं व आमजनता से कहा कि वो अगर अटल जी कुछ बातों पर चलने का प्रण लें तो देश बदल जाएगा। वो महान नेता थे और इसी के चलते देहान्त के बाद भी लोग उन्हें याद कर रो पड़ते हैं। अटल जी अक्सर किसानों और मजदूरों की बात करते और उनके विकास के लिए कई योजनाएं भी चलाई।

पीएम के मिशन को पूरा करने के लिए मंथन
कृषि विश्वविद्यालय संघ की इस दो दिवसीय बैठक में देश के सभी कृषि विश्वविद्यालय के 35 कुलपतियों ने हिस्सा लिया। साथ ही राज्यपाल राम नाईक , कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने भी शिरकत की। बतादें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2021 में किसानों की आय और पैदावार दोगुनी करने के आव्हाहन को लेकर इस बैठक का आयोजन किया गया। किसानां को कृषि की शिक्षा और नई तकनीकियों की जानकारी बढ़ाने के लिए प्रयास किये जाएंगे। राज्यपाल ने कहा कि सीएसए की यह पहल सराहनीह है। इससे देश के किसानों को उन्नत फसल उगाने के लिए नई तकनीकि की जानकारी मिलेगी।

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Published on:
29 Aug 2018 05:23 pm
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