कानपुर

कबाड़ के भाव में बिकी अमेरिका की मिसाइल, ईराक ने कंटेनर के जरिए भिजवाया कानपुर

ईराक युद्ध के दौरान अमेरिका ने दगा थी ये मिसाइल, डेढ़ दशक पहले कबाड़ के कंटेनर में भरकर कारोबारी लाया था शहर
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Oct 03, 2018
american missiles came kanpur in garbage
कबाड़ के भाव में बिकी अमेरिका की मिसाइल, ईराक ने कंटेनर के जरिए भिजवाया कानपुर

कानपुर। विश्व के कई देश मिसाइलों का अविष्कार कर रहे हैं और उन्हें मुहंमागी कीमत पर बेंचकर अपना खजाना भर रहे हैं। पर कानपुर को ऐसे कई मिसाइलें बिना पैसे के ही मिल गई हैं, जिनके जरिए पाकिस्तान से कईदिनों तक युद्ध लड़ सकती है। यह मिसाइलें ईराक के जरिए भारत आई थीं। अमेरिका और ईराक के बीच जंग के दौरान सैकड़ों मिसाइलें दागी गई, जिनमें कुछ में विस्फोट हुआ तो कुछ जीवित रह गई। अमेरिका ने सद्दाम हुसैन का खात्मा कर दिया और वहां नई सरकार ने पदभार संभाला और शहर में फैले कबाड़ को जमा कर उसकी नीलामी करवाई। जिसे कानपुर के एक कारोबारी ने खरीदा। इसी कबाड़ के बीच जीवित मिसाइलें भी कंटेनर में आ गईं। कंटेनर की जांच में जैसे ही यह बात साफ हुई कि उसमें जीवित मिसाइलें भी हैं। पूरा प्रशासनिक अमला हिल गया था। सभी मिसाइलों को जूही रेलवे यार्ड में रखवाया गया है, जिन्हें जल्द से जल्द नष्ट करने के आदेश डीएम ने दिए हैं।

अमेरिका ने ईराक पर दागी थीं मिसाइल
अमेरिका ने 2003 में ईराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए कई प्रयास किए पर वो असफल रहा। जिसके चलते तत्कालीन राष्ट्रपति जार्जबुश ने ईराक के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया। हजारों लोग जंग में मारे गए तो कई इमारतें और असलहे, गोला-बारूद तबाह हो गए। कईदिनों की लड़ाई के बाद अमेरिका की जीत हुई और सद्दाम का खात्मा हुआ। नई सरकार सत्ता में आते ही कबाड़ के ढेर में तब्दील हो चुके शहरों को दुरूस्त करने का काम उठाया। साथ ही ईराक में फैले कबाड को एक जगह एकत्र करा उसकी नीलामी करवाई। शहर के एक कारोबारी ने ईराक का सारा कबाड खरीद लिया। इसी कबाड़ में ईराक से जीवित कई मिसाइलें कंटेनर के जरिए भारत में आई और कानपुर पहुंच गई। कारोबारी ने जैसे ही कंटेनर को खोला तो उसमें मिसाइल देख वो डर गया और इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर गई और इन मिसाइलों को जूही रेलवे यार्ड में रखवा दी। पिछले डेढ़ दशक से ये मिसाइलें यहां रखी हैं, जिन्हें नष्ट करने के कईबार आदेश भी शासन-प्रशासन की तरफ से दिए जा चुके हैं।

जुही यार्ड में रखी हैं मिसाइल
ये मिसाइलें जूही रेलवे यार्ड इनलैंड कंटेनर डिपो में रखी हुई हैं। अब उन्हें इसी वर्ष नष्ट करने की तैयारी जिला प्रशासन ने कर ली है। जूही रेलवे यार्ड इनलैंड कंटेनर डिपो में सीमा शुल्क विभाग के उपायुक्त सीएन मिश्रा कहते हैं कि विभाग ने हाल ही में फिर डीएम विजय विश्वास पंत को पत्र भेजा है। जल्द ही उनसे मिलकर इस पर बात की जाएगी। उम्मीद है दो-तीन माह में इन मिसाइलों को नष्ट कर दिया जाएगा। मिश्रा बताते हैं कि इन मिसाइलों को नष्ट करने के लिए कई बार डीएम के नेतृत्व में बैठक में हो चुकी हैं लेकिन अभी तक यह नहीं तय हो पा रहा है कि इन्हें कैसे और कहां नष्ट किया जाए। इस टीम में सेना को भी शामिल किया गया था ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ लिया जा सके। पर डीएम विश्वास पंत के आश्वासन के बाद इनके खात्में की तैयारी हो चुकी है।

फट जाएं तो तबाही तय
डेढ़ दशक से शहर के बीचों बीच कंटेनर डिपो में आधा दर्जन मिसाइलें रखी हैं। इसके ठीक बगल में दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन हैं जिससे देश की तमाम वीवीआइपी ट्रेनें गुजरती हैं। बमुश्किल सौ मीटर दूरी पर गोविंदपुरी स्टेशन भी है जहां दिनभर यात्रियों का जमावड़ा रहता है। अगर इनमें विस्फोट हो जाए तो जान-माल का नुकसान हो सकता है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि इन मिसाइलों में विस्फोट से नुकसान नहीं हो सकता। फिर भी शासन-प्रशासन को इन्हें नष्ट कर देना चाहिए। सेना के रिटायर्ड मेजर रामकिशोर वर्मा कहते हैं कि वैसे तो मिसाइलें खतरनाक होती है। अमेरिका ने ईराक के खिलाफ जो मिसाइल गिराई थीं, वो बहुत खतरनाक थी। इन मिसाइलों को देखने के बाद ही इनकी मारक क्षमता के बारे में कुछ कहा जा सकता है। प्रशासन को सेना की मदद लेनी चाहिए और इन्हें नष्ट करने के लिए रणनीति बनानी चाहिए।

Published on:
03 Oct 2018 09:24 am