अभी घोषित कर दो काला धन नहीं तो बाद में पड़ेगा पछताना, 280 करोड़ और मिले

विभाग को लगभग 280 करोड़ रुपये की एघोषित कमाई के मामले मिले और इसके लिए लोगो ने खुद विभाग को इसकी जानकारी देकर भविष्य की परेशानियों को दूर रख कर सरकार की स्कीम का साथ दिया है

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Sep 07, 2016
black money recovery by kanpur income tax
black money recovery by kanpur income tax

विकास वाजपेयी
कानपुर - भारत सरकार द्वारा काले धन को उजागर करने वाली इन्कम डिस्क्लोजर स्कीम को वैसे तो पिछले महिने कोई ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं हो सकी थी लेकिन आयकर विभाग के जागरुकता अभियान और कड़ाई के चलते इस स्कीम का असर लोगो के सामने आने लगा है।
पिछले सप्ताह विभाग को लगभग 280 करोड़ रुपये की एघोषित कमाई के मामले मिले और इसके लिए लोगो ने खुद विभाग को इसकी जानकारी देकर भविष्य की परेशानियों को दूर रख कर सरकार की स्कीम का साथ दिया है।

अभी तक 480 करोड़ की कमाई सामने आई

कानपुर के आयकर विभाग के रीजन की बात की जाए तो केवल कानपुर रीजन को लगभग 480 करोड़ रुपये की अघोषित कमाई को सामने लाने में सफलता हासिल हुई है।
कानपुर रीजन के तहत उत्तर प्रदेश का पश्चिमी भाग और उत्तराखण्ड आता है जिसमें विभाग ने लोगो को अपनी अघोषित आय को घोषित करने के लिए काफी प्रोत्साहित किया गया था और इस काम के लिए सेमीनार भी आयोजित किया गये थे।
हलांकि जैसा कि विभाग के अधिकारी भी ये अनुमान लगा रहे थे कि कानपुर रीजन में कानपुर से अघोषित आय की एक बड़ी खेप सामने आने की उम्मीद है।
केवल कानपुर से विभाग को आईडीएस स्कीम के तहत 280 करोड़ की अघोषित कमाई मिली है और इस माह के अन्त तक इसमें काफी संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

UP में काली कमाई का बादशाह साबित हो सकता है ये जिला

शहर के बड़े कारोबारी और ज्वैलर्स की दुकानों और प्रतिष्ठानो पर आयकर विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही के बाद कई चोकाने वाले तथ्य सामने आने की उम्मीद लगायी दा रही थी।
विभाग के कुछ अधिकारियों ने शहर में आगे भी छापे मारी की कमाई को जारी रखने की वात कही है और कालेधन के कई श्रोतों के विषय में जानकारी मिलने की उम्मीद लगायी जा रही है।
सूत्रों की माने तो शहर से आने वाले समय में 1300 करोड़ रुपये के कालेधन के टैक्स के रूप में सरकार को मिल सकते है। हाल ही में एक कारोबारी के घर और उससे जुड़े 50 अन्य प्रतिष्ठानो पर की गयी छापे मारी और खुले काले धन के मामले से आयकर विभाग के अधिकारियो के हौसले बुलन्द है।

2000 से 2500 करोड़ का लग सकता है पता

उत्तर प्रदेश में काले धन के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो रहे कानपुर के कई और कारोबारियो पर औने वाले समय में छापे मारी की कार्यवाही तेजी से जारी हो सकती है।
यदि पिछले दो सालो में कानपुर के कारोबारियो के घर और प्रतिष्ठानो पर आयकर विभाग द्वारा की गयी रेड़ में विभाग को 2500 करोड़ रुपयों की काली कमाई के श्रोतो के विषय में जानकारी मिली थी।
इतनी बड़ी रकम को देखते हुए विभाग ने सभी कारोबारियो के लिए जागरूकता अभियान चलाकर काले धन को स्कीम के तहत घोषित करने को कहाँ है जिसमें अपनी काली कमाई को 45 प्रतिशत धन टैक्स के रूप में अदा कर के बाकी की कमाई को सफेद किया जा सकता है।
लेकिन इस मामले में विभाग को इतनी सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद लगाई जा रही थी। इस क्रम में काली कमाई छुपा कर बैठे केरोबारियो को सन्देश देने के लिहाज से कई जगह छापे मारी की गयी थी जिसमें विभाग को करोड़ो रुपयों के काले लेन देन की बात सामने नजर आयी थी।
यदि कार्यवाही की रूपरेखा पर विश्वास किया जाए तो सरकार द्वारा अघोषित सम्पत्ति को आय की श्रेणी में लाने के लिए चलाए जाने वाले अभियान के तहत 2500 करोड़ रुपये तक की सम्पत्ति उजागर हो सकती है।

कनपुरियों ने I.T.R. दाखिले में पूरे देश को छोड़ा है पीछे

आयकर विभाग के आकड़ो के मुताबिक जहां मुंबई, दिल्ली और आहमदाबाद जैसे शहरों का इनकम टैक्स रिटर्न का 10 प्रतिशत के पैमाने भी नहीं छूपाया है तो कानपुरियों ने पूरे देश को पीछे छोड़ते हुए 15 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज किया है।
आयकर विभाग द्वारा प्राप्त आकड़ो के मुताबिक विभाग के कानपुर रीजन में पिछले वित्त वर्ष में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में 78 हजार रिटर्न का इजाफा हुआ है। यहीं नहीं कानपुर रीजन में अब आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या लगभग 9.50 लाख पहुंच गयी है।
यानी कि विभाग के पास लगभग 9.50 लाख लोग अयकर रिटर्न दाखिल कर रहे है। विभाग द्वारा दिये गये आकड़ो के मुताबिक कानपुर वेस्ट और उत्तराखंड के क्षेत्र में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 23 लाख के आकड़े के करीब है जिससे विभाग हाल ही में जारी की गयीं स्कीम को लेकर काफी उत्साह है।
आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या के साथ पैनकार्ड़ धारकों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है और इसका सीधा कारण लोगो में आयकर विभाग के प्रति जागरुकता के साथ बैंको द्वारा नियमों में कड़ाई बरतना बताया जा रहा है।

पैन कार्ड बनवाने में भी कनपुरिये आगे, आगे के लिए शुभ संकेत

पिछले वर्ष की तुलना में कानपुर में 1.71 लाख पैन कार्ड धारक बढ़े है और इस समय केवल कानपुर में 19 लाख पैन कार्ड धारक हो गये हैं।
इन सब आकड़ों के साथ कानपुर में विभाग के पास खुश होने के कई और कारण भी मौजूद है। रिटर्न और पैन कार्ड की संख्या में इजाफे के साथ ही कानपुर रीजन में आयकर देने वालों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
केवल कानपुर में विभाग को 3567 करोड़ रुपये हासिल हुए है जो 2014 में 3178 करोड़ रुपए थे। हलांकि विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस ट्रेंड में आने वाले वर्षों में और अधिक बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद के साथ विभाग रणनीति तैयार कर रहा है।
कानपुर में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 2014 में जहां 887814 थी तो 2016 में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 951732 हो गयी है जो अपने आप में देश के लिए मिसाल साबित होने वाला है। वहीं 2014 में कानपुर में पैन कार्ड धारकों की संख्या 1591379 रही थी तो इस बार 1927875 हो गयी है।
पिछले दो सालों में कानपुर में आयकर के मामले में 15 प्रतिशत ग्रोथ रेट नोटिस किया गया है और ये पूरे देश के आकड़ों से आगे है। यहीं नहीं देश में कारोबार का गड़ समझे जाने वाले अहमदाबाद, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में आयकर की ये ग्रोथ 10 प्रतिशत के आकड़े को भी नहीं पार कर पायी है।

Published on:
07 Sept 2016 11:19 am