बिकरू कांड में विकास दूबे से गहरी नजदीकियों में आठ पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। इनमें से दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। और बाकी चार दरोगा और दो सिपाहियों की विकास दुबे से मिलीभगत की पुष्टि होने पर उन पर सख्त कार्रवाई की गई। इन छह आरोपी पुलिसकर्मियों को न्यूनतम वेतनमान में नौकरी करने का दंड दिया गया है।
बिकरू कांड में विकास दूबे से गहरी नजदीकियों में आठ पुलिसकर्मी दोषी पाए गए। इनमें से दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है। और बाकी चार दरोगा और दो सिपाहियों की विकास दुबे से मिलीभगत की पुष्टि होने पर उन पर सख्त कार्रवाई की गई। इन छह आरोपी पुलिसकर्मियों को न्यूनतम वेतनमान में नौकरी करने का दंड दिया गया है। न्यूनतम वेतनमान का अर्थ है कि, जो भी वेतन बढ़ोतरी या प्रमोशन मिला है वह अब सब शून्य हो जाएगा। संबंधित को फिर से पहले वेतनमान पर नौकरी करनी होगी। पुलिस विभाग के दंड में यह तीसरी सबसे बड़ी सजा है।
दो बर्खास्त बाकी छह को मिली सजा
इन आठ पुलिसकर्मियों पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय की रिपोर्ट के बाद शासन स्तर पर अब इन पर कार्रवाई की गई। आठ पुलिसकर्मियों में पूर्व एसओ चौबेपुर विनय तिवारी और बिकरू हल्का इंचार्ज दरोगा केके शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया था। दोनों जेल में हैं। बाकी छह आरोपियों की विभागीय जांच चल रही थी। यह जांच एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय आनंद कुलकर्णी कर रहे थे। उन्होंने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर एसआई अजहर इशरत, एसआई कुंवर पाल सिंह, एसआई विश्वनाथ मिश्रा, एसआई अवनीश कुमार सिंह, सिपाही अभिषेक कुमार और राजीव कुमार को न्यूनतम वेतनमान का दंड दिया गया है।
तीसरी सबसे बड़ी सजा
एडिशनल सीपी ने बताया कि, न्यूनतम वेतनमान का अर्थ है कि, जो भी वेतन बढ़ोतरी या प्रमोशन मिला है वह अब सब शून्य हो जाएगा। संबंधित को फिर से पहले वेतनमान पर नौकरी करनी होगी। पुलिस विभाग के दंड में यह तीसरी सबसे बड़ी सजा है।